कांग्रेस पार्टी ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर जोरदार पलटवार किया है जिसमें उन्होंने विपक्ष के प्रदर्शन और 'वोट चोरी' के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी थी। कांग्रेस ने चुनावी प्रक्रिया और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर सरकार से तीखे सवाल पूछे हैं और डेटा सार्वजनिक करने की मांग की है।
कांग्रेस के गृह मंत्री से तीन सीधे सवाल
कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए गृह मंत्री अमित शाह के सामने तीन बड़े सवाल रखे। उन्होंने पूछा:
- एसआईआर (SIR) के बाद कुल कितने घुसपैठियों का पता लगाया गया?
- कितने घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची (Voter List) से हटाए गए?
- कितने घुसपैठियों को देश से बाहर भेजा गया?
जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि एसआईआर के पीछे के आर्किटेक्ट जानबूझकर घुसपैठिए के मुद्दे को आगे लाकर असली और बड़े मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया के तहत करीब 14 करोड़ भारतीयों के संवैधानिक मतदान के अधिकार को प्रभावित किया गया है या हटाया गया है।
अमित शाह ने क्या दिया था बयान?
गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एसआईआर के खिलाफ जारी विपक्ष के विरोध प्रदर्शन पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा था कि जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मजबूती से खड़ी है। शाह ने यह भी दावा किया था कि देश विपक्ष की उस रणनीति को अच्छी तरह समझ रहा है जिसके तहत कथित तौर पर घुसपैठियों को मतदाता के रूप में पंजीकृत कराने की कोशिश की जाती है। उन्होंने विपक्ष को 2029 के चुनावों में एक और करारी हार के लिए तैयार रहने की बात भी कही थी।
कांग्रेस का कहना है कि देश के करीब 100 करोड़ नागरिकों को इस प्रशासनिक प्रक्रिया से गुजरना पड़ा है, इसलिए सरकार को इसके वास्तविक परिणामों और आंकड़ों को देश के सामने रखना चाहिए ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।
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