प्रशासनिक गलियारों में बड़ा बदलाव, डॉ. मनदीप भंडारी को सौंपी गई सीबीएसई की अहम जिम्मेदारी
देश के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण शैक्षणिक बोर्डों में शुमार केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के शीर्ष नेतृत्व में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। केंद्र सरकार की कैबिनेट नियुक्ति समिति ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए वर्ष 2001 बैच के वरिष्ठ और अनुभवी भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी डॉ. मनदीप भंडारी को सीबीएसई का नया अध्यक्ष (Chairman) नियुक्त किया है। यह नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब शिक्षा और बोर्ड परीक्षाओं के प्रबंधन से जुड़े तकनीकी तथा प्रशासनिक तंत्र को और अधिक मजबूत व पारदर्शी बनाने की दिशा में काम चल रहा है।
डॉ. मनदीप भंडारी अपनी कार्यकुशलता, सख्त प्रशासनिक पकड़ और दूरदर्शी फैसलों के लिए जाने जाते हैं। अपनी नई जिम्मेदारी संभालने से पहले वह केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के प्रधान सचिव के रूप में बेहद अहम भूमिका निभा रहे थे। प्रशासनिक हलकों में उनकी गिनती एक ऐसे सुलझे हुए अधिकारी के तौर पर होती है जो नीतिगत फैसलों को जमीन पर उतारने में महारत रखते हैं। सरकार द्वारा यह कदम उठाने के पीछे बोर्ड के कामकाज को और अधिक सुचारू बनाना और पिछले कुछ समय से सामने आ रही तकनीकी चुनौतियों का स्थायी समाधान ढूंढना माना जा रहा है।
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चिकित्सा पेशे से प्रशासनिक गलियारों तक का सफर
डॉ. मनदीप भंडारी का शैक्षणिक और करियर सफर काफी दिलचस्प और प्रेरणादायक रहा है। मूल रूप से पंजाब राज्य से ताल्लुक रखने वाले भंडारी ने प्रशासनिक सेवा में कदम रखने से पहले चिकित्सा विज्ञान की पढ़ाई पूरी की थी। उन्होंने प्रतिष्ठित पंजाब यूनिवर्सिटी के अंतर्गत आने वाले लुधियाना के प्रसिद्ध दयानंद मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस (MBBS) की डिग्री हासिल की है। चिकित्सा क्षेत्र में औपचारिक शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने देश सेवा के लिए सिविल सेवा का रुख किया और आज वह देश के शीर्ष प्रशासनिक पदों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
डॉक्टर की पढ़ाई पूरी करने के बावजूद उन्होंने देश की सबसे बड़ी परीक्षा पास कर आईएएस की राह चुनी और अपनी प्रशासनिक क्षमता का लोहा मनवाया। चिकित्सा पृष्ठभूमि होने के कारण ही उन्हें आमतौर पर 'डॉ. मनदीप भंडारी' के नाम से संबोधित किया जाता है, जो उनके शैक्षणिक बैकग्राउंड की अनूठी पहचान है। स्वास्थ्य और चिकित्सा के क्षेत्र की उनकी गहरी समझ ने आगे चलकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में उनके कार्यकाल के दौरान भी काफी मदद पहुंचाई।
अमरनाथ और वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड का लंबा अनुभव
डॉ. मनदीप भंडारी के पास ढाई दशक से भी ज्यादा का लंबा और समृद्ध प्रशासनिक अनुभव है। इस दौरान उन्होंने देश के कई संवेदनशील और महत्वपूर्ण इलाकों में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में उनके पास 'श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड' (SASB) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) का अतिरिक्त प्रभार भी है। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा, सुविधाओं और प्रबंधन के लिहाज से यह पद बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है, जिसे वह बखूबी संभाल रहे हैं।
इसके अलावा, उनके करियर का एक सबसे लंबा और महत्वपूर्ण हिस्सा माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड, कटरा के साथ भी जुड़ा रहा है। उन्होंने वहां लगभग साढ़े आठ साल तक एडिशनल सीईओ के तौर पर अपनी सेवाएं दीं। इसके अतिरिक्त, वह अपने सेवाकाल के दौरान जम्मू, कठुआ और लेह जैसे महत्वपूर्ण जिलों में भी विभिन्न प्रशासनिक पदों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं, जिससे जमीनी स्तर की चुनौतियों से निपटने में उनकी पकड़ बेहद मजबूत है।
केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण मंत्रालयों में निभा चुके हैं भूमिका
राज्य स्तर पर अहम जिम्मेदारियां निभाने के अलावा डॉ. भंडारी ने केंद्र सरकार के कई बड़े मंत्रालयों में भी अपनी सेवाएं दी हैं। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में संयुक्त सचिव के रूप में कार्य किया है, जहां स्वास्थ्य नीतियों के क्रियान्वयन में उनका योगदान सराहनीय रहा है। इसके अलावा, मानव संसाधन विकास मंत्रालय (जो अब शिक्षा मंत्रालय के रूप में जाना जाता है) में भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है।
शिक्षा मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय दोनों का पुराना अनुभव अब उनके नए कार्यकाल में सीबीएसई की कमान संभालने के दौरान बेहद उपयोगी साबित होगा। वर्तमान समय में जब शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल बदलाव और नई शिक्षा नीति के तहत बड़े पैमाने पर सुधार किए जा रहे हैं, ऐसे में डॉ. भंडारी का अनुभव बोर्ड को एक नई दिशा दे सकता है।
बोर्ड के सामने मौजूद नई चुनौतियां और उम्मीदें
डॉ. मनदीप भंडारी की यह नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब सीबीएसई को हाल ही के महीनों में कुछ प्रशासनिक और तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। परीक्षाओं के मूल्यांकन से जुड़े ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम को लेकर उठे सवालों के बाद बोर्ड के भीतर प्रणाली को दुरुस्त करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। ऐसे में शिक्षा जगत से जुड़े विशेषज्ञों और छात्रों की निगाहें नए चेयरमैन के इन फैसलों पर टिकी हैं।
"शिक्षा प्रणाली को पारदर्शी, तकनीक-युक्त और छात्र-हितैषी बनाना हमारी प्राथमिकता है। प्रशासनिक अनुभवों का लाभ उठाकर बोर्ड परीक्षाओं और मूल्यांकन प्रक्रिया को पूरी तरह से त्रुटिरहित बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।" — प्रशासनिक सूत्र, नई दिल्ली
कुल मिलाकर, डॉ. मनदीप भंडारी का सीबीएसई का नया अध्यक्ष बनना शिक्षा प्रशासन के क्षेत्र में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। उनके नेतृत्व में बोर्ड कितनी तेजी से तकनीकी सुधारों को लागू करता है और छात्रों के लिए शिक्षा के माहौल को कितना सुगम बनाता है, यह आने वाला वक्त ही तय करेगा।





