सर्राफा बाजार में हलचल: सोने की चमक पड़ी फीकी
भारतीय सर्राफा बाजार में कीमती धातुओं के दाम लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं। सप्ताह के शुरुआती कारोबारी दिनों में सोने और चांदी के भाव में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। एक तरफ जहां सोना खरीदने की चाह रखने वालों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है, वहीं दूसरी तरफ चांदी के रुख ने जानकारों को भी थोड़ा चौंकाया है। घरेलू बाजारों से लेकर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज तक पर इन धातुओं के उतार-चढ़ाव का सीधा असर आम आदमी की जेब और निवेशकों की रणनीति पर पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजारों में हलचल, अमेरिकी डॉलर की चाल और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनावों के कारण सर्राफा बाजार में यह अनिश्चितता बनी हुई है। हालांकि, जो ग्राहक लंबे समय से सोने के सस्ते होने का इंतजार कर रहे थे, उनके लिए यह समय बेहद अनुकूल साबित हो सकता है। त्योहारी और शादी-ब्याह के सीजन से ठीक पहले कीमतों में आई इस नरमी से बाजार में रौनक लौटने की उम्मीद जताई जा रही है।
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वायदा बाजार में लुढ़का सोना, जानिए क्या है नया भाव
वायदा कारोबार के मोर्चे पर बात करें तो सोने की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है। कमोडिटी एक्सचेंज पर निवेशकों को उस वक्त झटका लगा जब कीमतों में अचानक बड़ा गोता देखने को मिला। बाजार के जानकारों के मुताबिक, वायदा बाजार में सोने के अनुबंधों के भाव में भारी कमी आई है, जिससे यह कीमती पीली धातु डेढ़ लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के मनोवैज्ञानिक आंकड़े से नीचे कारोबार करती नजर आ रही है।
कारोबारी सत्र के दौरान वायदा बाजार में सोने के दाम काफी नीचे आ गए, जो कि पिछले सत्र के मुकाबले एक बड़ा अंतर है। इस अचानक आई गिरावट के पीछे वैश्विक स्तर पर निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली और अन्य परिसंपत्तियों की ओर रुख करना मुख्य वजह माना जा रहा है। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि वायदा बाजार का यह रुख आने वाले दिनों में हाजिर बाजार को भी दिशा देने का काम करेगा।
घरेलू बाजार में भी सोने के दामों में आई भारी नरमी
सिर्फ वायदा बाजार ही नहीं, बल्कि घरेलू हाजिर बाजार में भी सोने के दाम धड़ाम हुए हैं। इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमतों में सुस्ती साफ तौर पर देखी जा रही है। पिछले कारोबारी सप्ताह के बंद भाव की तुलना में इस हफ्ते की शुरुआत में सोना काफी सस्ते दामों पर उपलब्ध हुआ है।
आम ग्राहकों के लिए यह किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है क्योंकि पिछले कुछ महीनों में आसमान छूती कीमतों के कारण आम आदमी के लिए सोना खरीदना लगभग असंभव सा हो गया था। अब कीमतों में आई इस मामूली से लेकर बड़ी गिरावट ने मध्यम वर्ग के लोगों को राहत की सांस लेने का मौका दिया है। स्थानीय सर्राफा बाजारों में भी खरीदारों की आवाजाही में इजाफा देखा जा रहा है।
चांदी की चाल रही अलग, रिकॉर्ड ऊंचाई से अब भी बहुत दूर
सोने के उलट अगर चांदी के रुख की बात करें तो इसमें मिलाजुला और कभी-कभी तेजी का रुख देखने को मिला है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज से लेकर घरेलू बाजारों तक में चांदी की कीमतों में हल्की बढ़त दर्ज की गई है। हालांकि, विश्लेषकों का यह भी कहना है कि भले ही एक-दो सत्रों में चांदी के दाम चढ़े हों, लेकिन यह अपने सर्वकालिक उच्च स्तर (लाइफ टाइम हाई) से अभी भी बहुत नीचे ट्रेड कर रही है।
कुछ महीने पहले चांदी ने जिस तरह से रिकॉर्ड तोड़ छलांग लगाई थी, उसके मुकाबले मौजूदा कीमतें काफी किफायती कही जा सकती हैं। जानकारों का अनुमान है कि औद्योगिक मांग में बढ़ोतरी और वैश्विक औद्योगिक जरूरतों के चलते चांदी में यह उतार-चढ़ाव आगे भी जारी रह सकता है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार की हर चाल पर बारीक नजर बनाए रखें।
त्योहारी सीजन से पहले बाजार में खरीदारी का बेहतरीन मौका
आने वाले दिनों में देश भर में कई बड़े त्योहार और शादियों का सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे समय में सोने और चांदी के दामों में आई यह गिरावट बाजार के लिए संजीवनी का काम कर रही है। आभूषण निर्माताओं और खुदरा व्यापारियों का मानना है कि ग्राहक इन घटी हुई कीमतों का पूरा फायदा उठाना चाहेंगे।
हालांकि, ग्राहकों को इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि जब वे किसी ज्वेलरी शोरूम में आभूषण खरीदने जाते हैं, तो बेस रेट के अलावा उस पर तीन प्रतिशत जीएसटी और मेकिंग चार्ज भी चुकाना पड़ता है। इसलिए अंतिम बिल में थोड़ी बढ़ोतरी होना स्वाभाविक है।
"सर्राफा बाजार में इस समय वैश्विक संकेतों और घरेलू मांग के बीच संतुलन बनाने की कोशिश चल रही है। निवेशकों और खरीदारों दोनों को ही जल्दबाजी दिखाने के बजाय बाजार के रुझान को समझकर ही कोई बड़ा कदम उठाना चाहिए।" — वरिष्ठ वित्तीय विश्लेषक, द फ्रीलांस
निष्कर्ष और निवेशकों के लिए जरूरी सलाह
कुल मिलाकर, सोना और चांदी की कीमतों में आया यह बदलाव बाजार के जानकारों के लिए अध्ययन का विषय बना हुआ है। जहां एक तरफ सोना सस्ता होकर आम आदमी की पहुंच के करीब आ रहा है, वहीं चांदी में भी निवेशकों के लिए अवसर बने हुए हैं। विशेषज्ञों का सुझाव है कि किसी भी प्रकार के स्वर्ण या रजत ईटीएफ या भौतिक धातु में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें, ताकि जोखिम को कम किया जा सके।







