नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — वीडियो गेम प्रेमियों के बीच दुनिया के सबसे बड़े खेल 'जीटीए 6' को लेकर इस समय भारी गहमागहमी बनी हुई है। लॉन्च से ठीक पहले इस गेम का पूरा गेमप्ले और मैप ऑनलाइन लीक हो गया है। इंटरनेट पर लीक हुई इन जानकारियों ने गेमिंग इंडस्ट्री में खलबली मचा दी है। नेटफ्लिक्स पर इसके संभावित प्रीमियर से पहले इस खुलासे ने हर किसी को हैरान कर दिया है। रॉकस्टार कंपनी के इस बड़े प्रोजेक्ट पर लंबे समय से करोड़ों फैंस की नजरें टिकी हुई थीं।
लीक हुई खबरों के मुताबिक इस नए गेम का बजट दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा के निर्माण से भी ज्यादा महंगा बताया जा रहा है। खेल प्रेमियों के बीच इस बात की चर्चा जोरों पर है कि कंपनी इसे अब तक का सबसे बड़ा और आधुनिक गेम बनाना चाहती थी। लेकिन अचानक हुए इस लीक ने मेकर्स के सभी सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लीक हुए वीडियो और नक्शे तेजी से वायरल हो रहे हैं। कंपनी के अधिकारी इस अचानक हुई घटना के बाद से लगातार आंतरिक जांच में जुटे हुए हैं।
लीक के बाद नेटफ्लिक्स प्रीमियर और रॉकस्टार की चुप्पी
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद रॉकस्टार गेम्स की तरफ से शुरुआती दौर में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया था। कंपनी की इस लंबी चुप्पी ने अफवाहों के बाजार को और अधिक गर्म कर दिया था। हालांकि बाद में मिली जानकारी के अनुसार कंपनी ने 19 नवंबर को गेम की रिलीज की पुष्टि की है। नेटफ्लिक्स पर इसके एक्सटेंडेड प्रीमियर की खबरों ने इस रोमांच को और बढ़ा दिया है। लेकिन समय से पहले गेम का लीक होना मेकर्स के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ है।
गेमिंग जानकारों का मानना है कि इतनी बड़ी सुरक्षा चूक कैसे हो गई, यह जांच का गंभीर विषय है। लीक करने वाले हैकर की पहचान को लेकर भी कई तरह की बातें सामने आ रही हैं। हाल ही में यह खबर भी आई थी कि इस लीक के पीछे जुड़े एक हैकर ने गेम के नाम पर बने हाइप का फायदा उठाया। उस व्यक्ति ने बाजार में हलचल के बीच 'साइबरलीक' नाम का मीमकोइन भी बेच दिया था। इस तरह की आर्थिक गतिविधियों ने इस लीक को एक नए विवाद की तरफ मोड़ दिया है.
जीएसटी और अन्य गेम सीक्वल की अफवाहों का बाजार
जीटीए 6 के लीक होने के साथ ही बाजार में अन्य लोकप्रिय गेम्स के सीक्वल की चर्चा भी तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर लोग अब 'एल.ए. नोइरे 2' आने की उम्मीद जता रहे हैं। हालांकि रॉकस्टार कंपनी ने इन नए सीक्वल को लेकर अभी तक कोई भी पुष्टि नहीं की है। पुरानी अफवाहों को दोबारा हवा देकर इंटरनेट पर भ्रम फैलाने का दौर चल रहा है। आम गेमर्स यह समझ नहीं पा रहे हैं कि कौन सी खबर सच है और कौन सी महज एक और अफवाह है।
मैदान पर उतरी हमारी टीम ने पाया कि भारत समेत दुनियाभर के युवा गेमर्स इस लीक से काफी निराश भी हैं। उनका कहना है कि इस तरह लीक होने से गेम खेलने का असली मजा किरकिरा हो जाता है। मेकर्स अपनी तरफ से पूरी सुरक्षा के दावे करते हैं लेकिन हैकर्स हर बार एक कदम आगे निकल जाते हैं। आने वाले दिनों में रॉकस्टार इस चुनौती से कैसे निपटता है, यह देखने वाली बात होगी। 19 नवंबर को होने वाली आधिकारिक रिलीज ही अब इस बात का फैसला करेगी कि गेम कितना दमदार है।
रीचार्ज और गेम खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
इंटरनेट पर चल रही इन तमाम झूठी खबरों और लीक लिंक्स से आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। कई ठग लोग लीक गेम डाउनलोड कराने के नाम पर खतरनाक वायरस और मैलवेयर फैला रहे हैं। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से आपके फोन या कंप्यूटर का निजी डेटा चोरी हो सकता है। आधिकारिक वेबसाइट या भरोसेमंद प्लेटफॉर्म्स से ही गेम की सही जानकारी प्राप्त करें। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे किसी भी मीमकोइन या वित्तीय झांसे में बिल्कुल न आएं।
द फ्रीलान्स की इस ग्राउंड पड़ताल में यह साफ हो गया है कि खेल की लोकप्रियता का फायदा उठाने के लिए कई लोग गलत हथकंडे अपना रहे हैं। प्रशासन और साइबर सेल भी इस तरह की ऑनलाइन गतिविधियों पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं। गेमर्स को सलाह दी जाती है कि वे केवल रॉकस्टार के आधिकारिक विज्ञापनों और बयानों पर ही भरोसा करें। 19 नवंबर को रिलीज होने वाले इस गेम के आने तक धैर्य रखना ही सबसे समझदारी भरा कदम होगा।









