भारत में इजरायली राजदूत रियुवेन अजार ने संभावित कट्टरपंथी इस्लामी आतंकी हमलों को लेकर एक बड़ी और गंभीर चेतावनी जारी की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि भारत और इजरायल समेत दुनिया के तमाम देशों को आतंकवाद की एक नई लहर के लिए पूरी तरह तैयार रहना होगा। राजदूत के अनुसार, आतंकी संगठन सरकारों और सुरक्षा एजेंसियों से कहीं अधिक तेजी से अपनी तैयारी और सैन्य क्षमता बढ़ा रहे हैं। ऐसे में उनसे एक कदम आगे रहने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को भी अपनी कार्यशैली और तकनीकी दक्षता को कई गुना बढ़ाना होगा।
आतंकियों की रफ्तार और हमास की बढ़ती गतिविधियां
एक मीडिया संस्थान को दिए गए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में राजदूत अजार ने कहा, 'आतंकी हमसे तेज हैं और हमें उनसे तेज होना होगा। अगर आतंकवाद की अगली लहर से बचना है तो लगातार सतर्क रहना होगा और समय रहते तैयारी करनी होगी।' आतंकी संगठनों के बीच बढ़ते आपसी सहयोग और नेटवर्क पर सवाल उठाए जाने पर अजार ने मिडिल ईस्ट से बाहर हमास की बढ़ती गतिविधियों का विशेष तौर पर जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि पिछले एक साल के दौरान हमास के कई वरिष्ठ कमांडर पाकिस्तान और बांग्लादेश में देखे गए हैं। इसके अलावा, उन्होंने हमास के नेताओं के जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होने का भी गंभीर दावा किया है।
अजार ने आगे कहा कि इस तरह के गठजोड़ और क्षेत्रीय प्रभाव ने दक्षिण एशिया की सुरक्षा के लिए भी खतरे बढ़ा दिए हैं। उन्होंने दावा किया कि हमास ने इस क्षेत्र के अन्य आतंकी संगठनों को भी काफी हद तक प्रेरित किया है और सुरक्षा एजेंसियों को इस बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य पर गहरी नजर रखनी होगी।
फ्लाईदुबई विमान की घटना और बड़ी साजिश का अंदेशा
इजरायली दूत की यह चेतावनी हाल ही में फ्लाईदुबई के एक विमान में हुई हाईजैक जैसी खतरनाक घटना की जांच के बीच सामने आई है। इस घटना में ओमानी को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मछार पर अचानक हमला कर विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की थी। विमान में उस वक्त 174 यात्री सवार थे। भारतीय कैप्टन स्मित मछार ने गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद अद्भुत साहस दिखाया और कॉकपिट का दरवाजा खोलकर यात्रियों को सतर्क किया। इसके बाद सूझबूझ से काम लेते हुए यात्रियों ने को-पायलट को दबोच लिया और विमान को सऊदी अरब में सुरक्षित रूप से उतार लिया गया।
राजदूत अजार ने इस मामले पर बात करते हुए कहा कि भले ही जांच अभी यह तय नहीं कर पाई है कि यह किसी अकेले व्यक्ति का सनकी हमला था या इसके पीछे किसी बड़े आतंकी नेटवर्क का हाथ था, लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने भारतीय पायलट और यात्रियों की बहादुरी की जमकर सराहना की और कहा कि उनके समय पर लिए गए फैसलों ने एक बड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय त्रासदी को टाल दिया।
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