परीक्षा के दौरान स्कूल के बाहर गरमाया माहौल
बिहार के शिक्षा संस्थानों के बाहर इन दिनों सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। हाल ही में एक अन्य जिले में हुई शर्मनाक घटना के जख्म अभी पूरी तरह भरे भी नहीं थे कि राज्य के एक और कोने से ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आ गया है। इस बार विवाद का केंद्र बना एक अपग्रेड हाई स्कूल, जहां अर्धवार्षिक परीक्षाओं का दौर चल रहा था। परीक्षा में शामिल होने के लिए दूर-दराज से छात्र-छात्राएं विद्यालय पहुंच रहे थे, इसी दौरान स्कूल परिसर के बाहर कुछ ऐसा हुआ जिसने स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़का दिया।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, स्कूल की नियमित परीक्षाएं चल रही थीं और विद्यार्थी परीक्षा हॉल में व्यस्त थे। इसी बीच एक अज्ञात युवक मोटरसाइकिल पर सवार होकर स्कूल के नजदीक आ धमका। आरोप है कि वह वहां किसी छात्रा से मिलने के बहाने पहुंचा था। स्कूल के आसपास इस तरह संदिग्ध हालत में युवकों के मंडराने की बात पहले भी उठती रही है, लेकिन इस बार मामला तब तूल पकड़ गया जब स्थानीय लोगों और छात्रों की नजर इस मुलाकात पर पड़ी। देखते ही देखते वहां तमाशबीनों की भीड़ जमा हो गई और हालात तनावपूर्ण हो गए।
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झाड़ियों के पास मिलने का आरोप और तीखी नोकझोंक
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह युवक स्कूल भवन से कुछ ही दूरी पर मौजूद झाड़ियों के पास एक छात्रा के साथ बातचीत कर रहा था। स्थानीय युवाओं और वहां मौजूद छात्रों ने जब दोनों को इस तरह संदिग्ध परिस्थितियों में देखा, तो उनसे पूछताछ शुरू कर दी। पूछताछ के दौरान मामला उलझ गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। भीड़ में मौजूद कुछ जागरूक स्थानीय युवकों ने स्थिति को भांपते हुए उस बाहरी युवक की मोटरसाइकिल की चाबी अपने कब्जे में ले ली।
चाबी छीने जाने से मामला और अधिक बिगड़ गया। युवक और स्थानीय लोगों के बीच तीखी झड़प शुरू हो गई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की और हाथापाई में बदल गई। इस हंगामे के दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल फोन से पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में यह वीडियो इंटरनेट के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर तैरने लगा, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। वीडियो सामने आने के बाद से ही आम नागरिकों और अभिभावकों के बीच तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
वायरल वीडियो में छात्रा के तेवर और बीच-बचाव की कोशिशें
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो क्लिप में पूरी घटना का स्पष्ट नजारा दिखाई दे रहा है। वीडियो में आसपास के लोग उस युवक और छात्रा से कड़े सवाल पूछते नजर आ रहे हैं कि वे परीक्षा के समय स्कूल के बाहर क्या कर रहे हैं। इस दौरान जब भीड़ ने सवाल दागा कि क्या वे परीक्षा देने आते हैं या ऐसे मिलने, तो वीडियो में दिख रही छात्रा ने भी बिना डरे बेहद तीखे अंदाज में जवाब दिया, "क्या कर लोगे?"।
छात्रा के इस बेबाक और आक्रामक जवाब के बाद वहां मौजूद लोगों का गुस्सा और भड़क गया। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों में शारीरिक हाथापाई शुरू हो गई। हंगामे की आवाज सुनकर आसपास की कुछ महिलाएं भी दौड़कर मौके पर पहुंचीं और बीच-बचाव करने की कोशिश की। महिलाओं ने किसी तरह दोनों पक्षों को अलग किया, वरना मामला और भी ज्यादा हिंसक रूप ले सकता था। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर स्कूलों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।
अभिभावकों में दहशत, जमुई कांड जैसी घटनाओं की आशंका
इस ताजा वायरल वीडियो के सामने आने के बाद से इलाके के अभिभावकों की नींद उड़ गई है। लोगों का कहना है कि जब से स्कूलों में परीक्षाएं शुरू हुई हैं, तब से असामाजिक तत्वों और मनचलों की गतिविधियां काफी बढ़ गई हैं। स्कूल की छुट्टी के समय या परीक्षा छूटने के वक्त मनचले किस्म के लड़के स्कूल के आसपास मंडराते रहते हैं और वहां से गुजरने वाली छात्राओं पर फब्तियां कसते हैं। ग्रामीणों का मानना है कि अगर समय रहते इन तत्वों पर नकेल नहीं कसी गई, तो किसी बड़े हादसे या जमुई जैसी गंभीर घटना को टालना मुश्किल हो जाएगा।
समाज के जिम्मेदार नागरिकों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन तथा स्थानीय पुलिस से पुरजोर मांग की है कि ऐसे तमाम स्कूलों के बाहर विशेष पुलिस गश्त बढ़ाई जाए। सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए ताकि मनचलों में खौफ पैदा हो सके। लोगों का कहना है कि बेटियों की सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जा सकता और प्रशासन को इस मामले में तुरंत कड़े कदम उठाने चाहिए।
प्रशासन और स्कूल प्रबंधन की अनभिज्ञता
हैरानी की बात यह है कि सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और इतना बड़ा हंगामा होने के बावजूद स्थानीय प्रशासन और विद्यालय प्रबंधन इस पूरे मामले से अनजान बना हुआ है। जब इस संबंध में विद्यालय के प्रधानाध्यापक रविंद्र कुमार से संपर्क किया गया, तो उनका दो टूक जवाब था कि स्कूल परिसर के अंदर ऐसी कोई घटना नहीं घटी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाउंड्री के बाहर क्या कुछ हुआ, इसकी उन्हें कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है और न ही उन्होंने अभी तक वह वायरल वीडियो देखा है।
दूसरी ओर, उदाकिशुनगंज थाने के थानाध्यक्ष सुधाकर कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इस घटना से जुड़ी कोई भी सूचना या लिखित शिकायत अभी तक थाने में दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चूंकि मामला संज्ञान में आ चुका है, इसलिए वायरल वीडियो के आधार पर इसकी आंतरिक जांच कराई जाएगी। यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी या असामाजिक तत्वों की हरकत पाई जाती है, तो नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
"स्कूल के बाहर इस तरह की गतिविधियां बेहद चिंताजनक हैं। यदि प्रशासन ने समय रहते सख्त रुख नहीं अपनाया, तो समाज में गलत संदेश जाएगा और बेटियों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी।" — स्थानीय अभिभावक





