सैलून के कोने से लेकर डांस के बड़े मंच तक का सफर
जिंदगी में जब हौसले बुलंद हों और कुछ कर गुजरने की जिद दिल में पल रही हो, तो बड़े से बड़े पहाड़ जैसी मुश्किलें भी छोटी लगने लगती हैं। टेलीविजन के लोकप्रिय डांस रिएलिटी शो 'इंडियाज बेस्ट डांसर' के पांचवें सीजन का जब ग्रैंड फिनाले हुआ, तो हर कोई उस युवा की कहानी जानकर हैरान रह गया जिसने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर सफलता की एक नई इबारत लिखी है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से ताल्लुक रखने वाले महज 19 साल के युवा डांसर रितेश पाल ने इस सीजन की ट्रॉफी अपने नाम कर ली है। उनकी इस कामयाबी ने न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे राज्य का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।
इस प्रतिष्ठित मंच पर देश भर के बेहतरीन नर्तकों ने हिस्सा लिया था, लेकिन रितेश ने अपने अनोखे कंटेंपरेरी डांस फॉर्म और दिल को छू लेने वाली प्रस्तुतियों से जजों और दर्शकों का दिल जीत लिया। खिताबी जीत के बाद रितेश को विजेता की चमचमाती ट्रॉफी के साथ 15 लाख रुपये की इनामी राशि भी सौंपी गई है। उनके साथ इस पूरे सफर में उनके मार्गदर्शक और कोरियोग्राफर प्रतीक उतेकर साये की तरह साथ रहे, जिन्होंने रितेश की प्रतिभा को संवारने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
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परिवार के विरोध से लड़कर बचाई अपनी कला
रितेश पाल के लिए यह मुकाम हासिल करना किसी कांटे भरे रास्ते पर चलने से कम नहीं था। एक बेहद साधारण परिवार में जन्मे रितेश के लिए डांस करना आसान नहीं था। शुरुआती दिनों में उनके घरवालों का समर्थन उन्हें नहीं मिल पाया था। घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण परिवार के सदस्यों का दबाव था कि वह इन सब चीजों को छोड़कर पढ़ाई या किसी काम में हाथ बंटाएं। यहां तक कि घरवालों के कहने पर उन्हें अपने भाई के साथ एक सैलून में भी काम करना पड़ा था, ताकि वे अपनी रोजमर्रा की जरूरतें और पॉकेट मनी जुटा सकें।
हालांकि, रितेश के भीतर का कलाकार हार मानने को तैयार नहीं था। उन्होंने अपनी दिनचर्या में एक ऐसा संतुलन बनाया जो किसी मिसाल से कम नहीं था। वह सप्ताह के छह दिन पूरी शिद्दत के साथ अपने डांस रियाज में बिताते थे और रविवार के दिन अपने भाई की सैलून पर जाकर बाल काटने में मदद करते थे। वहां से मिलने वाले थोड़े बहुत पैसों से उनका जेब खर्च निकल जाता था और उनका डांस का अभ्यास भी बाधित नहीं होता था।
कोरियोग्राफर प्रतीक उतेकर का मिला साथ और मार्गदर्शन
शो के दौरान रितेश के सफर में उनके कोरियोग्राफर प्रतीक उतेकर की भूमिका बेहद अहम रही। रितेश मुख्य रूप से प्योर कंटेंपरेरी डांस के लिए जाने जाते हैं, लेकिन शो के दौरान उनके सामने बॉलीवुड और दूसरे कमर्शियल डांस फॉर्म को कंटेंपरेरी के साथ मिलाने की बड़ी चुनौती थी। रितेश ने एक साक्षात्कार में खुलकर बताया कि उनके लिए 'इंडिया वाला डांस' करना बेहद कठिन था क्योंकि उनकी शैली पूरी तरह से अलग थी।
"शुरुआत में मुझे बॉलीवुड और कंटेंपरेरी का मेल बिठाना बहुत कठिन लगता था। प्रतीक सर बहुत प्रोफेशनल हैं और उनके स्टेप्स एकदम साफ होते हैं, जबकि मेरी तकनीक थोड़ी कच्ची थी। इस वजह से मुझे सर की डांट भी खानी पड़ी, लेकिन उन्होंने मेरी प्राकृतिक शारीरिक बनावट और मूवमेंट को समझकर मुझे इस काबिल बनाया कि आज हम यह ट्रॉफी जीत पाए हैं।" — रितेश पाल, विजेता - इंडियाज बेस्ट डांसर 5
मां के सपनों को पूरा करने की है सबसे बड़ी जिद
जब विजेता के रूप में रितेश का नाम पुकारा गया, तो उन्हें खुद इस बात पर यकीन नहीं हो रहा था। उन्होंने कई बार अपने कोरियोग्राफर से पूछा कि क्या यह सच है या यह किसी एक हफ्ते की ट्रॉफी की तरह है जो बाद में बदल जाएगी। जब उन्हें अहसास हुआ कि यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी अब हमेशा के लिए उन्हीं की है, तो उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक आए।
रितेश ने अपनी जीत की इस इनामी राशि के इस्तेमाल को लेकर पहले ही एक बहुत ही खूबसूरत योजना बना रखी है। उनका सपना है कि वह इन पैसों से अपनी मां के लिए एक आशियाना बनाएंगे। उन्होंने तय किया है कि उस घर का नाम 'हरि दर्शन' रखेंगे। रितेश का मानना है कि जब भी वह अपनी मां के लिए कुछ करते हैं, तो उन्हें ऐसा महसूस होता है कि उन्होंने खुद के लिए दुनिया की सबसे बड़ी दौलत हासिल कर ली है। इससे पहले भी वह 'डांस प्लस 6' जैसे मंचों पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं, लेकिन 'इंडियाज बेस्ट डांसर 5' की जीत ने उन्हें रातों-रात देश का नया डांसिंग सेंसेशन बना दिया है।








