चार साल बाद खुला खून का खौफनाक राज
गुजरात के सूरत जिले से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने हर किसी के रोंगटे खड़े कर दिए हैं। इंसानियत को शर्मसार करने वाली इस घटना में एक पति और पत्नी ने मिलकर अपने ही घर की तीन महिलाओं को मौत के घाट उतार दिया। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों ने मिलकर ऐसा चक्रव्यूह रचा कि किसी को चार साल तक भनक तक नहीं लगी। पुलिस और अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई के बाद इस बहुचर्चित हत्याकांड की परतें एक-एक कर खुलीं, तो जांच अधिकारियों के भी होश उड़ गए। आरोपियों ने अपनों की जान लेने के बाद सबूतों को मिटाने के लिए अजीबोगरीब और शातिर तरीके अपनाए थे।
मामले की शुरुआत तब हुई जब पुलिस के पास एक सनसनीखेज शिकायत पहुंची। किसी को अंदाजा नहीं था कि एक मामूली पारिवारिक कलह और बदले की आग के पीछे इतने बड़े गुनाह का काला चिट्ठा छिपा बैठा है। पुलिस ने जब तहकीकात शुरू की तो जांच की सुई खुद शिकायतकर्ता की तरफ घूम गई। इसके बाद जो खुलासे हुए, उन्होंने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। पीड़ितों के परिजनों और स्थानीय लोगों के लिए यह विश्वास करना मुश्किल हो रहा था कि घर के भीतर ही ऐसा खूनी खेल खेला गया था।
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ऐसे रची गई थी पति-पत्नी द्वारा खूनी साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरे हत्याकांड को अंजाम देने वाले कोई और नहीं बल्कि मृतका के दामाद माधवदास और उसकी पत्नी उर्मिला थे। दोनों ने मिलकर साल 2022 के दौरान अलग-अलग महीनों में तीन हत्याएं की थीं। शुरुआती जांच में इन मौतों को सामान्य बीमारियों का रूप देने की पूरी कोशिश की गई थी। आरोपियों ने इतनी सफाई से वारदातों को अंजाम दिया था कि किसी को शक तक न हो। लेकिन, कहते हैं कि पाप का घड़ा कभी न कभी भरता ही है और कानून के हाथ लंबे होते हैं।
घरेलू कलह और आपसी विवाद के कारण जब पति-पत्नी के रिश्ते में खटास आई, तो बदले की भावना ने इस गुप्त राज को बाहर लाने का रास्ता तैयार कर दिया। पति माधवदास अपनी पत्नी से अलग होने के बाद उससे गहरी रंजिश रखने लगा था। इसी रंजिश के चलते उसने अपनी पत्नी और उसके परिवार को आजीवन जेल की सलाखों के पीछे भेजने की ठान ली और पुलिस के पास एक सोची-समझी कहानी लेकर पहुंच गया।
एक-एक कर ऐसे ली गई तीन महिलाओं की जान
पुलिस और क्राइम ब्रांच के दस्तावेजों के मुताबिक, इन हत्याओं का सिलसिला साल 2022 की शुरुआत में फरवरी महीने से शुरू हुआ था। सबसे पहले 25 फरवरी 2022 को उर्मिला की बहन भगवतीबेन को निशाना बनाया गया। वह पहले से ही टीबी की बीमारी से जूझ रही थीं। आरोप है कि दंपती ने सोते समय या मौका पाकर उनका मुंह तकिए से दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद उनकी मौत को एक स्वाभाविक बीमारी से हुई मौत बताकर चुपचाप दफना दिया गया ताकि किसी प्रकार का शक न पैदा हो।
इस खूनी सिलसिले का दूसरा शिकार माधवदास की अपनी मां मंजुलाबेन बनीं। वह पैरालिसिस की वजह से बिस्तर पर ही रहती थीं और चलने-फिरने में असमर्थ थीं। 19 जुलाई 2022 को उन्हें भी इसी दर्दनाक तरीके से मौत के घाट उतार दिया गया। उनकी मौत को भी लकवाग्रस्त होने के बाद सामान्य मौत का रूप देकर अंतिम संस्कार कर दिया गया। इसके बाद तीसरी और सबसे भयानक वारदात 7 अक्टूबर 2022 को कोसांबा के वडफालिया इलाके में अंजाम दी गई।
नानी की हत्या कर ड्रम में सीमेंट से चुनवाया शव
इस खौफनाक हत्याकांड की तीसरी कड़ी सबसे ज्यादा डरावनी थी। आरोपी दंपती ने उर्मिला की बुजुर्ग नानी शांताबेन गंभीरभाई वसावा को अपनी साजिश का शिकार बनाया। 7 अक्टूबर 2022 को सोते समय उनका मुंह तकिए से दबाकर कत्ल कर दिया गया। हत्या के बाद सबूतों को हमेशा के लिए दफनाने के लिए एक बेहद शातिर तरीका अपनाया गया। मृतका के शव को एक बड़े लोहे के ड्रम या बैरल के अंदर डाला गया और उसके ऊपर से सीमेंट का घोल डालकर उसे पूरी तरह से पैक कर दिया गया।
इसके बाद घर के पिछले हिस्से या आंगन में एक गहरा गड्ढा खोदा गया और उस सीमेंट से भरे ड्रम को जमीन के अंदर दफना दिया गया। आरोपियों को पूरा भरोसा था कि इस तरह न तो कभी बदबू आएगी और न ही कभी कंकाल बरामद हो सकेगा। चार साल तक यह राज पूरी तरह से जमीन के अंदर दफना रहा और किसी को कानो-कान खबर नहीं हुई।
झूठी शिकायत ने खुद खोल दिया अपना ही राज
यह पूरा मामला तब दुनिया के सामने आया जब आरोपी पति माधवदास ने अपनी पत्नी उर्मिला और उसके भाई को फसाने की योजना बनाई। उसने पुलिस में जाकर शिकायत दर्ज कराई कि उसकी नानी सास की हत्या उर्मिला और उसके भाई ने मिलकर की है और शव को घर के आंगन में दबा रखा है। उसने सोचा था कि इस झूठी शिकायत के जरिए वह अपनी पत्नी को आजीवन कारावास की सजा दिलवा देगा।
लेकिन पुलिस और क्राइम ब्रांच ने जब इस आवेदन की गंभीरता से जांच शुरू की, तो उर्मिला के भाई की संलिप्तता का कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला। इसके बाद पुलिस का शक सीधे शिकायतकर्ता माधवदास पर गहरा गया। जब पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर अपने खास अंदाज में पूछताछ की, तो वह ज्यादा देर टिक नहीं सका और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
क्राइम ब्रांच की रेड और कंकालों की बरामदगी
पति के मुंह से सच निकलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के पैरों तले जमीन खिसक गई। इसके बाद अदालत की अनुमति और कार्यकारी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कोसांबा के उस मकान के आंगन में खुदाई का अभियान चलाया गया। पुलिस ने जब जमीन खोदी तो एक के बाद एक तीनों महिलाओं के मानव कंकाल बरामद हो गए। सीमेंट के ड्रम से निकला कंकाल देखकर वहां मौजूद हर शख्स हैरान रह गया।
"आरोपियों ने पारिवारिक रंजिश और आपसी विवाद के चलते बेहद शातिर तरीके से इस ट्रिपल मर्डर को अंजाम दिया था। पति ने अपनी पत्नी को फंसाने के लिए पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की थी, लेकिन हमारी टीम ने तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर इस पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।" — जांच अधिकारी, अहमदाबाद क्राइम ब्रांच
फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और फॉरेंसिक टीम की मदद से कंकालों के डीएनए सैंपल और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। इस सनसनीखेज वारदात ने न केवल सूरत बल्कि पूरे गुजरात राज्य को झकझोर कर रख दिया है। लोग इस बात से हैरान हैं कि किस तरह अपने ही खून के रिश्तेदार अपनों के कातिल बन बैठे और चार साल तक इस खौफनाक राज को सीने में दबाए घूमते रहे।








