उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक गलियारों में हलचल, अचानक हुए बड़े तबादले
उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक मशीनरी को पटरी पर रखने के लिए राज्य सरकार लगातार बड़े फैसले ले रही है। इसी कड़ी में शनिवार को शासन ने एक बार फिर तबादला एक्सप्रेस चलाते हुए दर्जनों वरिष्ठ अधिकारियों के पाले बदल दिए। इस प्रशासनिक फेरबदल के तहत कुल 15 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और 23 प्रांतीय सिविल सेवा (PCS) अधिकारियों को नई जगहों पर तैनात किया गया है। अचानक हुए इन तबादलों से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है और कई विभागों में कामकाज की रूपरेखा बदलने की सुगबुगाहट तेज हो गई है।
राज्य के प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इन तबादलों को सरकारी कामकाज में कसावट लाने और विकास योजनाओं की गति को तेज करने के उद्देश्य से देखा जा रहा है। सरकार चाहती है कि महत्वपूर्ण पदों पर ऐसे अधिकारियों को बैठाया जाए जो मैदानी स्तर पर तेजी से निर्णय ले सकें और जनता की शिकायतों का त्वरित निस्तारण कर सकें। पिछले कुछ हफ्तों से लगातार हो रहे प्रशासनिक फेरबदल इसी रणनीति का हिस्सा माने जा रहे हैं, जिससे ब्यूरोक्रेसी में किसी भी तरह की सुस्ती न आने पाए।
तबादले की इस लंबी सूची में कई अहम जिलों और महत्वपूर्ण विभागों के मुखिया बदल दिए गए हैं। आवास विकास परिषद से लेकर विभिन्न विश्वविद्यालयों में कुलसचिवों की नियुक्तियों तक, हर स्तर पर फेरबदल देखने को मिला है। शासन की ओर से जारी आदेश के बाद सभी संबंधित अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से अपनी नई कार्यकुशलता दिखाने और कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
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प्रमुख आईएएस अधिकारियों को मिली नई और अहम जिम्मेदारियां
शासन स्तर पर जारी की गई ट्रांसफर लिस्ट में कई वरिष्ठ आईएएस अफसरों के नाम शामिल हैं, जिन्हें बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण विभागों की कमान सौंपी गई है। वरिष्ठ अधिकारी राकेश कुमार सिंह को उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद में अपर आयुक्त के पद पर तैनात किया गया है। वहीं, नीरज शुक्ला को प्रबंध निदेशक पीसीएफ (उत्तर प्रदेश सहकारी संघ लिमिटेड) बनाया गया है ताकि सहकारिता के कामकाज को और गति मिल सके।
इसके अलावा, डॉ. चंद्र भूषण को अपर निदेशक, डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी की जिम्मेदारी दी गई है। सचिन कुमार सिंह को विशेष सचिव चिकित्सा शिक्षा बनाया गया है, जबकि ध्रुव खाडिया को मऊ जिले का नया मुख्य विकास अधिकारी (CDO) नियुक्त किया गया है। जौनपुर जिले की कमान नरेंद्र बहादुर सिंह को सौंपी गई है, जिन्हें वहां का नया सीडीओ बनाया गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों के फेरबदल को लेकर सरकार की मंशा साफ है कि प्रमुख विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर समयबद्ध तरीके से उतारा जाए। अधिकारियों की इस नई टीम से उम्मीद की जा रही है कि वे जनता की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे और अपने-अपने विभागों में पारदर्शिता व त्वरित कार्यशैली को बढ़ावा देंगे।
खनिकर्म और चिकित्सा आपूर्ति विभाग में भी हुए बड़े बदलाव
इस प्रशासनिक फेरबदल में खनन और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े कुछ अहम पदों पर भी बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। आईएएस अधिकारी माला श्रीवास्तव को निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म के पद पर भेजा गया है, जबकि डॉ. उज्जवल कुमार को विशेष सचिव एवं निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म की जिम्मेदारी दी गई है। खनन विभाग में हाल के दिनों में लगातार हो रहे बदलावों को काफी अहम माना जा रहा है।
चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने के लिए श्रीमती जे. रीभा को प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन बनाया गया है। इसके अलावा, श्रीहरि प्रताप शाही को निदेशक पंचायती राज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि इन नियुक्तियों से जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं और ग्रामीण विकास के कार्यों में पारदर्शिता आएगी।
"शासन व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने और विकास योजनाओं को गति देने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में समय-समय पर बदलाव एक सामान्य और निरंतर प्रक्रिया है। नए अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे पूरी ईमानदारी और तत्परता से अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।" — शासन के एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी
विश्वविद्यालयों में कुलसचिवों की नियुक्ति और अन्य पीसीएस तबादले
आईएएस के अलावा 23 पीसीएस अधिकारियों के भी बंपर तबादले किए गए हैं, जिनमें कई जिलों के अपर जिलाधिकारी (ADM) और विश्वविद्यालयों के कुलसचिव (Registrar) शामिल हैं। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) में अर्चना गहरवार को नया कुलसचिव बनाया गया है, जबकि किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) में श्रीमती रीना सिंह को कुलसचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसके अलावा अर्पित गुप्ता को कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय बांदा और विजय शंकर को महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुशीनगर का कुलसचिव नियुक्त किया गया है। पीसीएस अधिकारियों की सूची में लवी त्रिपाठी को अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) सहारनपुर, पुष्पेंद्र पटेल को अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रामपुर और शिवानी सिंह को अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति) जालौन बनाया गया है।
प्रशासनिक फेरबदल का राजनीतिक और जमीनी असर
उत्तर प्रदेश में लगातार हो रहे इन प्रशासनिक तबादलों को राजनीतिक गलियारों में भी खासी तवज्जो मिल रही है। जानकारों का मानना है कि आने वाले समय की रणनीतियों और चुनावी तैयारियों को ध्यान में रखते हुए सरकार अपनी पसंद के और सक्षम अधिकारियों को अहम जिलों और पदों पर बैठा रही है। जिला स्तर पर प्रशासनिक कसावट होने से शासन की योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी तरीके से हो पाता है।
जनता की नजरें अब इन नए अधिकारियों के कामकाज पर टिकी हैं कि वे अपने नए कार्यक्षेत्र में किस तरह की कार्यशैली अपनाते हैं। भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करने की चुनौती हर नए अधिकारी के सामने सबसे बड़ी होगी। फिलहाल, इस बड़े फेरबदल के बाद उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक अमले में एक नई सुगबुगाहट और सक्रियता देखने को मिल रही है।







