बिहार में बढ़ेगा खेल का रोमांच, राज्य स्तरीय जूनियर खो-खो प्रतियोगिता की मेजबानी तय
बिहार के खेल प्रेमियों के लिए एक बेहद उत्साहजनक खबर सामने आई है। राज्य में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने और युवा प्रतिभाओं को एक बेहतरीन मंच प्रदान करने के उद्देश्य से एक बड़ी खेल प्रतियोगिता की तैयारी शुरू हो चुकी है। इस वर्ष राज्य स्तरीय जूनियर खो-खो प्रतियोगिता की मेजबानी की जिम्मेदारी मिलने के बाद स्थानीय खेल संघ और अधिकारी पूरी मुस्तैदी के साथ इसकी तैयारियों में जुट गए हैं। इस आयोजन को लेकर खेल जगत में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है, क्योंकि इससे स्थानीय खिलाड़ियों को अपनी कला और प्रतिभा का प्रदर्शन करने का एक सुनहरा अवसर मिलेगा।
इस संबंध में हाल ही में जिला खो-खो संघ की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता ए.के. बोस ने की। बैठक के दौरान संघ के तमाम पदाधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि इस आयोजन को ऐतिहासिक और सफल बनाने के लिए किसी भी तरह की कमी नहीं छोड़ी जाएगी। आयोजकों का मानना है कि इस स्तर की प्रतियोगिताओं से न केवल खेल का स्तर सुधरता है, बल्कि ग्रामीण और छोटे कस्बों से आने वाले उभरते खिलाड़ियों को एक राष्ट्रीय पहचान मिलने का रास्ता भी साफ होता है।
संबंधित खबरें
नवंबर में तय होगा तारीखों का ऐलान, 14 जिलों की टीमें दिखाएंगी दम
आयोजन की रूपरेखा के बारे में जानकारी देते हुए संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि इस प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन इसी वर्ष नवंबर के महीने में किया जाएगा। हालांकि, प्रतियोगिता की सटीक तारीखों का ऐलान राज्य कमेटी से अंतिम निर्देश मिलने के बाद किया जाएगा। इस आयोजन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें बिहार के अलग-अलग कोनों से कुल 14 जिलों की बालक और बालिका टीमें हिस्सा लेंगी। सभी जिलों की टीमें अपनी-अपनी तैयारियों में अभी से जुट गई हैं ताकि वे इस महामुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दे सकें।
खो-खो संघ के सचिव नीरज कुमार सिंहा ने प्रतियोगिता की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह आयोजन केवल एक टूर्नामेंट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भविष्य के राष्ट्रीय खिलाड़ियों को तराशने का एक बड़ा माध्यम है। विभिन्न जिलों से आने वाली इन टीमों के बीच होने वाले मुकाबले बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। हर एक टीम अपनी रणनीति के जरिए मैदान पर जीत हासिल करने के लिए पूरी ताकत झोंक देगी, जिससे दर्शकों को बेहतरीन खेल देखने को मिलेगा।
जनवरी 2027 की राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए होगा बिहार टीम का चयन
इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का सबसे बड़ा आकर्षण यह है कि यह आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की नींव साबित होगी। संघ से मिली जानकारी के अनुसार, आगामी राष्ट्रीय जूनियर प्रतियोगिता जो कि जनवरी, 2027 में आयोजित होने के लिए तय की गई है, उसके लिए बिहार की आधिकारिक टीम का चयन इसी प्रतियोगिता के दौरान किया जाएगा। मैदान पर खिलाड़ियों के प्रदर्शन, उनकी फुर्ती, और खेल के प्रति समर्पण को देखकर चयनकर्ता सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को चुनेंगे।
"यह प्रतियोगिता हमारे बच्चों के लिए सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का एक बहुत बड़ा जरिया है। हम पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ बेहतरीन खिलाड़ियों का चयन करेंगे जो जनवरी 2027 की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बिहार का नाम रोशन कर सकें।" — नीरज कुमार सिंहा, सचिव, जिला खो-खो संघ
राष्ट्रीय स्तर पर खेलने का सपना देखने वाले युवा खिलाड़ियों के लिए यह एक गोल्डन चांस है। यही वजह है कि राज्यभर के युवा खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए अपनी फिटनेस और रणनीति पर कड़ी मेहनत कर रहे हैं। चयनकर्ताओं की पैनी नजर मैदान पर हर एक खिलाड़ी के मूवमेंट्स और उसकी खेल भावना पर होगी।
संघ को आर्थिक रूप से मजबूत करने और नए सदस्यों को जोड़ने पर जोर
खेल आयोजनों को सुचारू रूप से चलाने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए मजबूत वित्तीय स्थिति होना बेहद जरूरी है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए बैठक के दौरान संघ के उपाध्यक्ष एम.एच. रहमान ने एक अहम सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन के दायरे को और व्यापक बनाने के लिए अधिक से अधिक नए और उत्साही सदस्यों को जोड़ा जाना चाहिए, ताकि संगठन जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावशाली बन सके।
इसके साथ ही, उपाध्यक्ष गौतम वर्मा ने एसोसिएशन को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का प्रस्ताव रखा। सभी सदस्यों की सहमति से यह तय किया गया कि संघ से जुड़े प्रत्येक सदस्य द्वारा प्रति वर्ष 1 हजार रुपये की सहयोग राशि एसोसिएशन के आधिकारिक बैंक खाते में जमा की जाएगी। इस पहल से न केवल वित्तीय पारदर्शिता आएगी, बल्कि भविष्य के आयोजनों के लिए धन की कमी जैसी समस्याओं का सामना भी नहीं करना पड़ेगा। बैठक में काली शंकर प्रसाद, अशोक कुमार तिवारी, सुशील कुमार, रामदेव दास और मनोज कुमार मधुकर समेत कई अन्य प्रमुख खेल प्रेमी और पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
दिवंगत राष्ट्रीय खिलाड़ी को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
बैठक के अंत में एक बेहद भावुक पल भी आया, जब सभी सदस्यों ने खेल जगत में शोक की लहर पैदा करने वाली एक घटना को याद किया। खो-खो खेल के एक समर्पित राष्ट्रीय खिलाड़ी, जो इसी क्षेत्र से ताल्लुक रखते थे, के असामयिक निधन पर संघ के सभी सदस्यों ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की। उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित सभी लोगों ने उनके खेल के प्रति योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका संघर्ष और खेल प्रेम हमेशा आने वाली पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा।




