देश की राजधानी दिल्ली इन दिनों सियासी हलचल और तीखे विरोध प्रदर्शनों का केंद्र बनी हुई है। विपक्षी दलों के INDIA ब्लॉक द्वारा लगातार किए जा रहे प्रदर्शनों के मद्देनजर कानून-व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती में भारी इजाफा किया गया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 50 और अतिरिक्त कंपनियों को भेजा जा रहा है।
सुरक्षा बलों की संख्या बढ़कर हुई 20 हजार
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, ये अतिरिक्त कंपनियां 8 से 12 अक्टूबर तक दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर संवेदनशीलता वाले इलाकों में कानून-व्यवस्था संभालने में मदद करेंगी। राजधानी में पहले से ही लगभग 150 CAPF कंपनियां तैनात थीं। इन 50 नई कंपनियों के जुड़ने के बाद अब दिल्ली में कुल 200 से ज्यादा कंपनियां तैनात रहेंगी, जिनके तहत करीब 20 हजार सुरक्षाकर्मी राजधानी की सुरक्षा की कमान संभालेंगे।
सूत्रों का कहना है कि दिल्ली पुलिस ने मौजूदा राजनीतिक प्रदर्शनों, धरनों और आगामी कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त केंद्रीय बलों की मांग की थी, जिसके बाद गृह मंत्रालय और संबंधित विभागों ने ये बल उपलब्ध कराए हैं।
जंतर-मंतर मार्च और राजनीतिक सरगर्मी
गौरतलब है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में विपक्षी दल लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA ब्लॉक के तमाम दिग्गज नेताओं ने जंतर-मंतर की ओर एक बड़ा मार्च निकाला था। हालांकि, पुलिस ने सुरक्षा और धारा 163 (पूर्व में धारा 144) का हवाला देते हुए मार्च को बीच में ही रोक दिया था, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प भी देखने को मिली थी।
इस दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई प्रमुख नेताओं को हिरासत में लिया गया था। विपक्षी नेताओं ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका यह आंदोलन और विरोध प्रदर्शन विभिन्न रूपों में जारी रहेगा। इसी राजनीतिक तनाव को भांपते हुए प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से चाक-चौबंद कर दिया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी इस घटना से जुड़े दावों की सत्यता की 'The Freelance' स्वतंत्र रूप से पुष्टि करता है। यह रिपोर्ट प्रशासनिक अपडेट और उपलब्ध तथ्यों पर आधारित है। मीडिया साभार: संबंधित रिपोर्ट्स / एजेंसी इनपुट।







