देश की राजधानी दिल्ली सिर्फ सत्ता के गलियारों के लिए नहीं, बल्कि जन-आंदोलनों की आवाज के लिए भी जानी जाती है। भारतीय लोकतंत्र में सरकारों के फैसलों का विरोध करने और अपनी मांगें रखने के लिए विरोध-प्रदर्शनों का एक लंबा इतिहास रहा है। हालांकि, सुरक्षा कारणों, वीवीआईपी ट्रैफिक और अदालती आदेशों के चलते समय-समय पर प्रदर्शनों के ठिकाने बदलते रहे हैं। अब एक बार फिर प्रोटेस्ट साइट को बदल दिया गया है और 33 साल पुराने ठिकाने को अलविदा कह दिया गया है।
जब बोट क्लब होता था आंदोलनों का मुख्य गढ़
आजादी के बाद से अस्सी के दशक तक इंडिया गेट के पास स्थित 'बोट क्लब' विरोध-प्रदर्शनों का सबसे पसंदीदा और प्रभावशाली केंद्र हुआ करता था। इंडिया गेट और विजय चौक के बीच फैला यह इलाका संसद भवन के बेहद करीब होने के कारण सत्ता की नाक के नीचे अपनी आवाज पहुँचाने का सबसे बड़ा जरिया था। अक्टूबर 1988 में भारतीय किसान यूनियन के नेता चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के नेतृत्व में लाखों किसानों ने बोट क्लब पर डेरा डाल दिया था। विजय चौक से लेकर इंडिया गेट तक पूरा इलाका करीब एक हफ्ते तक किसानों के कब्जे में रहा। इस ऐतिहासिक आंदोलन के बाद सुरक्षा कारणों से केंद्र सरकार ने बोट क्लब पर रैलियों और प्रदर्शनों पर स्थायी रोक लगा दी थी।
1993 में जंतर-मंतर बना नया 'हॉटस्पॉट'
बोट क्लब पर पाबंदी लगने के बाद 1993 में टॉल्स्टॉय मार्ग स्थित जंतर-मंतर को आधिकारिक विरोध स्थल तय किया गया। अगले तीन दशकों तक यह सड़क देश भर के आंदोलनकारियों का मुख्य केंद्र बनी रही।किसानों के प्रदर्शन से लेकर अन्ना हजारे और अरविंद केजरीवाल के 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' आंदोलन, निर्भया आंदोलन और हाल ही में पहलवानों के धरने तक, तमाम बड़े जन-आंदोलन यहीं से शुरू हुए। हालांकि, अब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक समिति की सिफारिशों के आधार पर जंतर-मंतर को प्रोटेस्ट साइट से डिनोटिफाई कर दिया है, यानी अब यहां धरना-प्रदर्शन नहीं हो सकेगा।
अब रामलीला मैदान, बुराड़ी और CBD ग्राउंड नए पते
केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा बनाई गई समिति की सिफारिशों के बाद विरोध-प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस ने तीन नए स्थान निर्धारित किए हैं। इनमें रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का सीबीडी ग्राउंड (CBD Ground) शामिल हैं। प्रदर्शन स्थलों का यह बदलाव यह दिखाता है कि कैसे बढ़ते शहरीकरण और सुरक्षा प्राथमिकताओं के साथ लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराने के तरीके और स्थान बदलते रहे हैं। बोट क्लब की ऐतिहासिक रैलियों से लेकर जंतर-मंतर के सांकेतिक धरनों और रामलीला मैदान के विशाल सम्मेलनों तक, पते भले बदल गए हों, लेकिन जनता की आवाज उठाने की परंपरा आज भी उतनी ही मजबूत बनी हुई है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल इस वीडियो के दावों की सत्यता की 'The Freelance' स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो साभार: संबंधित सोशल मीडिया हैंडल / क्रिएटर।
राज्य एवं प्रादेशिक ब्यूरो, द फ्रीलांस
सत्यापित संपादकीय डेस्कउत्तर प्रदेश व प्रादेशिक विकास रिपोर्टिंग टीम
द फ्रीलांस का प्रादेशिक ब्यूरो उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के जमीनी मुद्दों, विकास योजनाओं, प्रशासनिक कार्रवाइयों और ग्रामीण-शहरी समस्याओं की निष्पक्ष और वास्तविक रिपोर्टिंग करता है। हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की जाती है।
जंतर-मंतर अब नहीं रहा 'प्रोटेस्ट साइट', गृह मंत्रालय ने लिया बड़ा फैसला; इन 3 जगहों पर ही हो सकेगा आंदोलन
अगली खबरवीडियो: राष्ट्रीय राजधानी में राजनीतिक हलचल के बीच सुरक्षा के कड़े इंतजाम, जंतर-मंतर से लेकर मेट्रो स्टेशनों तक पहरा
संबंधित विजुअल स्टोरीज (Web Stories)

वेब सीरीज देखकर शुरू किया नकली नोट बनाने का धंधा, 500,500 के लाखों जाली नोट के साथ तीन गिरफ्तार

सस्पेंस से लेकर ड्रामा तक, 2026 की 12 शानदार वेब सीरीज, OTT पर देखना ना भूलें

आज के टॉप 5 देसी चुटकुले: दिनभर का तनाव दूर कर देंगे ये जोक्स (16 अक्टूबर 2026)

पप्पू और मास्टरजी के 5 मजेदार किस्से: क्लासरूम में ठहाके (16 अक्टूबर 2026)
‘rahul-gandhi-supreme-court-march-jantar-mantar’ व राज्य से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें
STATESजंतर-मंतर अब नहीं रहा 'प्रोटेस्ट साइट', गृह मंत्रालय ने लिया बड़ा फैसला; इन 3 जगहों पर ही हो सकेगा आंदोलन
STATESवीडियो: राष्ट्रीय राजधानी में राजनीतिक हलचल के बीच सुरक्षा के कड़े इंतजाम, जंतर-मंतर से लेकर मेट्रो स्टेशनों तक पहरा
STATESवीडियो: 'सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं...', विपक्षी नेताओं से मुलाकात न करने पर बोले मुख्य न्यायाधीश
STATESवीडियो: देश की राजधानी में बड़े राजनीतिक मार्च से पहले हाई अलर्ट, सुरक्षा कारणों से अचानक बंद हुए कई प्रमुख मेट्रो स्टेशन
STATESवीडियो: दिल्ली में INDIA ब्लॉक के मार्च से पहले कड़े सुरक्षा इंतजाम, 6 मेट्रो स्टेशन बंद और ट्रैफिक एडवाइजरी जारी
STATESतलाक के बाद पूर्व पति से दोबारा रिश्ते की इच्छा पर खड़ी हुई नई मुश्किलें, हलाला और गंभीर आरोपों पर पुलिस एक्शन
STATESवीडियो: 'अपने देश में तिरंगा नहीं लहराएंगे तो क्या पाकिस्तान में जाएंगे?', दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर भड़के केजरीवाल
STATES