देश की राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के केंद्र रहे जंतर-मंतर को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव सामने आया है। दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर-मंतर को प्रदर्शन के लिए डिनोटिफाई किए जाने के बाद अब यहां किसी भी तरह का विरोध प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा। दशकों से राजनीतिक हलचल, आंदोलनों और अपनी मांगें मनवाने का केंद्र रहा जंतर-मंतर अब अतीत की कहानी बनकर रह गया है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर लोकतंत्र के इस शहर में लोग अपनी आवाज बुलंद करने के लिए कहां जाएंगे?
इस स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस ने तीन नए विकल्प तय किए हैं, जिनमें रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी ग्राउंड शामिल हैं। अब किसी भी तरह के बड़े आयोजन या विरोध प्रदर्शन के लिए इन्हीं निर्धारित स्थलों का उपयोग करना होगा।
सेंट्रल दिल्ली से नए धरना स्थलों की दूरी
जंतर-मंतर सेंट्रल दिल्ली के ठीक बीचों-बीच स्थित था, जहां से संसद भवन, राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री आवास और तमाम महत्वपूर्ण मंत्रालय कुछ ही मिनटों की दूरी पर थे। लेकिन नए धरना स्थलों की भौगोलिक स्थिति थोड़ी अलग है। अगर जंतर-मंतर से इनकी दूरी की बात करें, तो:
- रामलीला मैदान: यह सबसे नजदीक का धरना स्थल है, जिसकी जंतर-मंतर से दूरी महज 3 से 3.2 किलोमीटर है।
- सीबीडी ग्राउंड: शाहदरा में स्थित इस ग्राउंड की जंतर-मंतर से दूरी लगभग 11 से 12 किलोमीटर है।
- बुराड़ी मैदान: मॉडल टाउन के पास स्थित यह मैदान जंतर-मंतर से सबसे दूर यानी करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर है।
इन जगहों को चुनने के पीछे मुख्य उद्देश्य सेंट्रल दिल्ली के वीआईपी इलाकों में होने वाली ट्रैफिक जाम और प्रशासनिक अव्यवस्था से बचना है।
ऐतिहासिक आंदोलनों का गवाह रहे हैं ये मैदान
हालांकि ये नई जगहें प्रदर्शनकारियों के लिए बिल्कुल नई नहीं हैं। रामलीला मैदान का इतिहास कई बड़े और ऐतिहासिक आंदोलनों से जुड़ा है। साल 1952 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सत्याग्रह से लेकर, आपातकाल के दौरान जेपी (जयप्रकाश नारायण) का आंदोलन, और हाल ही में 2011 का अन्ना हजारे का जन लोकपाल आंदोलन या किसान आंदोलन तक, इस मैदान ने देश की राजनीति की कई बड़ी करवटें देखी हैं।
इसी तरह, बुराड़ी मैदान में भी साल 2020-21 के दौरान बड़ा किसान आंदोलन देखा गया था। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की संख्या और भीड़ की क्षमता को ध्यान में रखते हुए इन मैदानों को वर्गीकृत किया है।
क्षमता और परमिशन के नए नियम
नया वर्गीकरण पूरी तरह से भीड़ की क्षमता पर आधारित है। जंतर-मंतर पर अधिकतम 1,000 लोगों की क्षमता तय थी, लेकिन अक्सर क्षमता से ज्यादा भीड़ जुटने के कारण व्यवस्था बिगड़ जाती थी। 1,000 से 50,000 तक की भीड़ के लिए रामलीला मैदान को उपयुक्त माना गया है, जबकि 50,000 से अधिक लोगों के जुटने की संभावना होने पर बुराड़ी ग्राउंड का रुख करना होगा।
प्रशासन ने साफ किया है कि इन स्थानों पर भी प्रदर्शन करने से पहले पुलिस की विधिवत अनुमति लेनी अनिवार्य होगी। केवल सूचना देना कई मामलों में पर्याप्त नहीं माना जाएगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और रिपोर्टों के आधार पर तैयार इस खबर के दावों की सत्यता की 'The Freelance' स्वतंत्र रूप से पुष्टि करता है। यह नीतिगत बदलाव राजधानी में प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए किया गया है। साभार: संबंधित प्रशासनिक रिपोर्ट्स / मीडिया अपडेट्स।
राज्य एवं प्रादेशिक ब्यूरो, द फ्रीलांस
सत्यापित संपादकीय डेस्कउत्तर प्रदेश व प्रादेशिक विकास रिपोर्टिंग टीम
द फ्रीलांस का प्रादेशिक ब्यूरो उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के जमीनी मुद्दों, विकास योजनाओं, प्रशासनिक कार्रवाइयों और ग्रामीण-शहरी समस्याओं की निष्पक्ष और वास्तविक रिपोर्टिंग करता है। हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की जाती है।
जंतर-मंतर अब नहीं रहा 'प्रोटेस्ट साइट', गृह मंत्रालय ने लिया बड़ा फैसला; इन 3 जगहों पर ही हो सकेगा आंदोलन
अगली खबरवीडियो: देश की राजधानी में बड़े राजनीतिक मार्च से पहले हाई अलर्ट, सुरक्षा कारणों से अचानक बंद हुए कई प्रमुख मेट्रो स्टेशन
संबंधित विजुअल स्टोरीज (Web Stories)

'धुरंधर' के लिए यामी गौतम को मिली थी मोटी फीस? एक्ट्रेस ने तोड़ी चु्प्पी

वेब सीरीज देखकर शुरू किया नकली नोट बनाने का धंधा, 500,500 के लाखों जाली नोट के साथ तीन गिरफ्तार

सस्पेंस से लेकर ड्रामा तक, 2026 की 12 शानदार वेब सीरीज, OTT पर देखना ना भूलें

आज के टॉप 5 देसी चुटकुले: दिनभर का तनाव दूर कर देंगे ये जोक्स (16 अक्टूबर 2026)
‘rahul-gandhi-supreme-court-march-jantar-mantar’ व राज्य से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें
STATESजंतर-मंतर अब नहीं रहा 'प्रोटेस्ट साइट', गृह मंत्रालय ने लिया बड़ा फैसला; इन 3 जगहों पर ही हो सकेगा आंदोलन
STATESवीडियो: देश की राजधानी में बड़े राजनीतिक मार्च से पहले हाई अलर्ट, सुरक्षा कारणों से अचानक बंद हुए कई प्रमुख मेट्रो स्टेशन
STATESवीडियो: 'सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं...', विपक्षी नेताओं से मुलाकात न करने पर बोले मुख्य न्यायाधीश
STATESवीडियो: दिल्ली में INDIA ब्लॉक के मार्च से पहले कड़े सुरक्षा इंतजाम, 6 मेट्रो स्टेशन बंद और ट्रैफिक एडवाइजरी जारी
STATESतलाक के बाद पूर्व पति से दोबारा रिश्ते की इच्छा पर खड़ी हुई नई मुश्किलें, हलाला और गंभीर आरोपों पर पुलिस एक्शन
STATESवीडियो: 'अपने देश में तिरंगा नहीं लहराएंगे तो क्या पाकिस्तान में जाएंगे?', दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर भड़के केजरीवाल
STATESनवंबर से दिल्ली में BS-4 कमर्शियल वाहनों की 'नो एंट्री', प्रशासन का बड़ा एक्शन और गुरुग्राम पुलिस का अल्टीमेटम
STATES