बिहार के खेल जगत में कटिहार जिले की बेटियों ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। बेगूसराय जिले में हाल ही में संपन्न हुई 'द हंड्रेड बिहार स्टेट जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप' में कटिहार की दो उभरती हुई खिलाड़ियों ने अपने शानदार खेल के दम पर इतिहास रच दिया है। इस प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में कटिहार की वैभवी सिंह और सौम्या भारती ने अलग-अलग आयु वर्ग में खिताबी जीत हासिल करते हुए पूरे राज्य में जिले का मान बढ़ाया है। उनकी इस सफलता से न केवल उनके परिजनों में बल्कि पूरे खेल प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
बेगूसराय में दिखा कटिहार की बेटियों का जलवा
यह टूर्नामेंट 14 से 18 सितंबर तक बेगूसराय में आयोजित किया गया था, जिसमें बिहार के विभिन्न जिलों से आए बेहतरीन खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। प्रतियोगिता के दौरान शुरुआती दौर से ही कटिहार के खिलाड़ियों ने अपने आक्रामक और अनुशासित खेल से सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। कड़े मुकाबलों और रोमांचक दौर से गुजरते हुए कटिहार की इन दोनों खिलाड़ियों ने फाइनल तक का सफर तय किया और अंततः खिताब अपने नाम करने में सफल रहीं। खेल जानकारों का मानना है कि इन खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत साबित होगा।
प्रतियोगिता के दौरान हर मैच में इन खिलाड़ियों ने गजब की मानसिक मजबूती और तकनीकी कौशल का परिचय दिया। कोच और अन्य सहयोगियों की कड़ी मेहनत रंग लाई और खिलाड़ियों ने कोर्ट पर उतरकर अपने बेहतरीन शॉट्स से दर्शकों का दिल जीत लिया। इस जीत के बाद से ही कटिहार लौटने पर खिलाड़ियों का जोरदार स्वागत किए जाने की तैयारी चल रही है।
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वैभवी सिंह ने अंडर-19 वर्ग में कायम रखा अपना दबदबा
प्रतियोगिता के अंडर-19 बालिका एकल वर्ग में कटिहार की स्टार खिलाड़ी वैभवी सिंह ने एक बार फिर साबित कर दिया कि इस आयु वर्ग में उनका कोई मुकाबला नहीं है। वैभवी का यह अंडर-19 आयु वर्ग में अंतिम वर्ष था और यह इस सत्र का आखिरी राज्य स्तरीय टूर्नामेंट भी था। कुछ समय के टूर्नामेंट गैप के बाद जब वैभवी ने कोर्ट पर वापसी की, तो उनके खेल में पहले से और अधिक परिपक्वता नजर आई। उन्होंने अपने आक्रामक और सधे हुए खेल से फाइनल मुकाबले में पूरी तरह दबदबा बनाए रखा और आसानी से जीत हासिल की।
वैभवी की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि पिछले चार वर्षों से इस आयु वर्ग में उनका रिकॉर्ड बेजोड़ रहा है। उन्होंने पिछले चार सालों में सात बार स्टेट चैंपियन का खिताब और दो बार रनर-अप की ट्रॉफी अपने नाम की है। उनकी इस निरंतरता और खेल के प्रति समर्पण की हर कोई सराहना कर रहा है। वैभवी ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, कोच और जिला बैडमिंटन संघ के मार्गदर्शन को दिया है।
सौम्या भारती के सटीक स्मैश और ड्रॉप शॉट्स ने दिलाया खिताब
दूसरी ओर, अंडर-17 बालिका एकल वर्ग में कटिहार की एक और उभरती हुई खिलाड़ी सौम्या भारती ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। सौम्या ने फाइनल मुकाबले में अपने शानदार स्मैश, सटीक ड्रॉप शॉट्स और धैर्यपूर्ण खेल का ऐसा प्रदर्शन किया कि विरोधी खिलाड़ी के पास उनके हर वार का कोई जवाब नहीं था। दबाव के क्षणों में भी उन्होंने अपना संयम नहीं खोया और सूझबूझ से खेलते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया।
सौम्या की यह खिताबी जीत उनके करियर का एक बहुत बड़ा मील का पत्थर साबित होगी। कम उम्र में ही राज्य स्तर पर इस तरह का प्रदर्शन करना यह दर्शाता है कि उनमें आगे चलकर देश के लिए खेलने की असीम संभावनाएं हैं। उनके खेल में गति और तकनीक का बेहतरीन तालमेल देखने को मिला, जिसकी टूर्नामेंट के रेफरी और कोचों ने भी खुलकर तारीफ की।
राष्ट्रीय चैंपियनशिप के लिए हुआ बिहार टीम में चयन
इन दोनों ही खिलाड़ियों की इस दोहरी खिताबी जीत का सबसे बड़ा फायदा यह हुआ है कि अब इन्होंने आगामी राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप के लिए बिहार राज्य की टीम में अपना पक्का स्थान सुरक्षित कर लिया है। राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए ये दोनों खिलाड़ी अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि वे राष्ट्रीय पटल पर भी बिहार और कटिहार का नाम रोशन करेंगी और पदक जीतकर लौटेंगी।
"खिलाड़ियों ने अपनी कड़ी मेहनत और अनुशासन के दम पर कटिहार का नाम पूरे राज्य में रोशन किया है। हमें पूरा विश्वास है कि ये राष्ट्रीय स्तर पर भी बेहतरीन प्रदर्शन करेंगी।" — संजीव सिंह, सचिव, बैडमिंटन कटिहार
जिला बैडमिंटन संघ में जश्न, दी गई शुभकामनाएं
वैभवी सिंह और सौम्या भारती की इस ऐतिहासिक सफलता पर जिला बैडमिंटन संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। संघ के अध्यक्ष डॉ. गाजी शारिक अहमद, कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. आनंद कुमार, अमित अग्रवाल, संयुक्त सचिव आनंद भारती, कार्यकारिणी सदस्य संजय साह, प्रीतम अग्रवाल और कोच आशियांत विश्वास समेत तमाम खेल प्रेमियों ने दोनों खिलाड़ियों को फोन और मिलकर बधाई दी है। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि कटिहार में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, बस उन्हें सही मंच और मार्गदर्शन की जरूरत है और ये खिलाड़ी इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण हैं।
संघ की ओर से यह भी बताया गया कि आगामी राष्ट्रीय चैंपियनशिप से पहले इन खिलाड़ियों को और बेहतर ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वे राष्ट्रीय स्तर की कड़ी प्रतिस्पर्धा के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें। कटिहार के खेल जगत में इस जीत के बाद से युवाओं में बैडमिंटन के प्रति और अधिक रुझान देखने को मिल रहा है, जो जिले के खेल भविष्य के लिए एक बेहद सकारात्मक संकेत है।



