वियतनाम की अर्थव्यवस्था में सरकारी उद्यमों की स्थिति और घाटे की चुनौती
वियतनाम की अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने और वित्तीय अनुशासन को कड़ा करने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। पिछले साल के अंत तक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देश भर में कुल 650 सरकारी स्वामित्व वाले उद्यम सक्रिय थे। इन सभी उद्यमों की कुल संपत्ति का आकलन किया जाए तो यह लगभग 4.6 ट्रिलियन वीएनडी बैठती है। हालांकि, इतने बड़े पैमाने पर सरकारी पूंजी लगे होने के बावजूद इन कंपनियों का प्रदर्शन पूरी तरह संतोषजनक नहीं रहा है।
इनमें से लगभग 119 उद्यम, यानी 18 प्रतिशत से अधिक कंपनियां घाटे की मार झेल रही थीं। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी थी कि इन घाटे में चल रही कंपनियों का संचित घाटा बढ़कर 47,000 अरब वियतनामी डॉलर तक जा पहुंचा था। इस भारी-भरकम घाटे ने देश के नीति निर्धारकों और आर्थिक विशेषज्ञों को सोचने पर मजबूर कर दिया। यही वह मुख्य वजह है जिसके चलते सरकार को सरकारी पूंजी की गहन समीक्षा करने और उसके पुनर्गठन की सख्त आवश्यकता महसूस हुई।
देश के पोलित ब्यूरो के संकल्प 79 में पहले ही यह स्पष्ट किया जा चुका है कि राज्य के स्वामित्व वाली अर्थव्यवस्था को किस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। इसके तहत संसाधनों और पूंजी को चुनिंदा और प्रमुख रणनीतिक क्षेत्रों पर ही केंद्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया था। इसी नीतिगत निर्देश को अमलीजामा पहनाने के लिए अब प्रशासनिक और व्यावसायिक स्तर पर कड़े फैसले लिए जा रहे हैं, ताकि देश के करदाताओं के पैसों का सही और सार्थक उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
संबंधित खबरें
प्रधानमंत्री का नया निर्णय संख्या 40 और उद्यमों का वर्गीकरण
पोलित ब्यूरो के निर्देशों को जमीन पर उतारने के लिए प्रधानमंत्री की ओर से निर्णय संख्या 40 जारी किया गया। इस नए निर्णय के तहत यह तय करने के लिए स्पष्ट मानदंड निर्धारित किए गए हैं कि राज्य किन उद्यमों में अपनी पूरी हिस्सेदारी बनाए रखेगा, किस क्षेत्र में कितनी हिस्सेदारी होगी और किन व्यावसायिक क्षेत्रों से सरकार धीरे-धीरे अपने पैर पीछे खींच सकती है। इस वर्गीकरण का मुख्य उद्देश्य देश के आर्थिक संसाधनों का उचित प्रबंधन करना है।
इस वर्गीकरण के अंतर्गत उद्यमों को उनके उद्योग और कामकाज के दायरे के आधार पर प्रमुख समूहों में बांटा गया है। उदाहरण के लिए, समूह 1 में उन उद्यमों को रखा गया है जो देश के लिए अत्यंत प्रमुख और रणनीतिक क्षेत्रों में काम करते हैं। इन संस्थानों में राज्य की 100% पूंजी हिस्सेदारी बरकरार रखी जाएगी ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा और बुनियादी जरूरतों पर सरकार का पूरा नियंत्रण बना रहे।
वहीं दूसरी ओर, समूह 2 के अंतर्गत उन क्षेत्रों को रखा गया है जहां राज्य विमानन, बंदरगाह, वित्त, बैंकिंग और खनिज दोहन जैसे महत्वपूर्ण कार्य होते हैं। इन क्षेत्रों में सरकार की 65% या उससे अधिक पूंजी का स्वामित्व रहेगा। इसके अलावा समूह 3 में पेट्रोलियम और दूरसंचार सेवाएं जैसे क्षेत्र आते हैं, जहां राज्य की हिस्सेदारी 50% से अधिक लेकिन 65% से कम तय की गई है।
विशेषज्ञों की राय और रणनीतिक क्षेत्रों पर फोकस
इस पूरी प्रक्रिया को लेकर वित्त मंत्रालय के राज्य स्वामित्व वाले उद्यम विकास विभाग के उप निदेशक श्री डोन थान तुआन ने अपनी बात खुलकर रखी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य आर्थिक विकास को गति देना और बिखरे हुए निवेशों से बचना है।
"सर्वोत्तम दक्षता के लिए, आर्थिक विकास को सर्वोत्तम संभव तरीके से बढ़ावा देने के लिए, और बिखरे हुए या अक्षम निवेशों से बचने के लिए, प्रमुख रणनीतिक क्षेत्रों और उद्योगों पर राज्य की पूंजी केंद्रित करना महत्वपूर्ण है।" — डोन थान तुआन, उप निदेशक, राज्य स्वामित्व वाले उद्यम विकास विभाग
वित्तीय मामलों के जानकारों का भी मानना है कि अब समय आ गया है जब कंपनियों की संख्या बढ़ाने के बजाय उनकी गुणवत्ता और उत्पादकता पर ध्यान दिया जाए। वियतनाम वित्तीय परामर्श संघ के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. न्गो त्रि लोंग ने इस संदर्भ में बहुत ही महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि सरकार अब इस बात से चिंतित है कि कोई व्यवसाय पूंजी के प्रत्येक डॉलर से वास्तव में कितना मूल्य पैदा कर रहा है।
डॉ. न्गो त्रि लोंग के अनुसार, राज्य के स्वामित्व वाले उद्यमों को अपने उन विकेंद्रीकृत और बिखरे हुए निवेशों को तुरंत कम करना होगा जिनका अर्थव्यवस्था पर कोई बड़ा सकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ रहा है। ऐसा करने से बचा हुआ धन उन सेक्टरों में लगाया जा सकेगा जहां देश की अर्थव्यवस्था को इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है।
वियतनाम कोयला और खनिज उद्योग समूह (TKV) की नई कार्ययोजना
इस नई नीति का असर जमीन पर दिखने लगा है। इसका एक बेहतरीन उदाहरण वियतनाम कोयला और खनिज उद्योग समूह (TKV) है। वर्तमान में इस समूह के तहत कुल 42 सहायक और संबद्ध कंपनियां काम कर रही हैं, जिनमें समूह ने अपनी स्थापित पूंजी के 50% से कम का निवेश किया हुआ है।
प्रधानमंत्री के निर्णय संख्या 40 के तहत आए नए मानदंडों ने इस समूह को अपने मौजूदा निवेश पोर्टफोलियो की गहराई से समीक्षा करने का एक बड़ा आधार दे दिया है। इसके परिणामस्वरूप, समूह ने अगले पांच वर्षों के लिए राज्य पूंजी के पुनर्गठन की एक व्यापक योजना विकसित करना शुरू कर दिया है, जिससे भविष्य में वित्तीय सुधार की उम्मीद बंधती है।
इस संबंध में वियतनाम कोयला और खनिज उद्योग समूह के उप महा निदेशक श्री ट्रान हाई बिन्ह ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि यह वर्गीकरण उन्हें उन क्षेत्रों से विनिवेश करने का रास्ता दिखाता है जहां राज्य की पूंजी को अनावश्यक रूप से फंसाकर रखने की कोई आवश्यकता नहीं है।
भविष्य की योजनाएं और संसाधन का सही उपयोग
TKV के उप महा निदेशक ट्रान हाई बिन्ह ने आगे यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले समय में उनका पूरा जोर उत्पादकता बढ़ाने और पूंजी की कार्यकुशलता में सुधार करने पर रहेगा। इसके अलावा आधुनिक तकनीक को अपनाना, कार्यस्थल की सुरक्षा सुनिश्चित करना और पर्यावरण संरक्षण जैसे अहम लक्ष्यों पर भी पूरा ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
बिजली, कोयला और पेट्रोलियम जैसे क्षेत्र सीधे तौर पर आम जनता के दैनिक जीवन और देश के औद्योगिक कामकाज से जुड़े हुए हैं। यही कारण है कि इन सेक्टरों में राज्य की पूंजी के एक-एक डॉलर का हिसाब रखना और उसका सही उपयोग करना सरकार की प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर है।
आने वाले दिनों में इस पुनर्गठन प्रक्रिया के और अधिक व्यापक परिणाम देखने को मिल सकते हैं। वियतनाम सरकार का यह सुधारात्मक कदम न केवल देश के सरकारी उद्यमों पर लदे कर्ज के बोझ को कम करेगा, बल्कि एक पारदर्शी और मजबूत आर्थिक ढांचे के निर्माण में भी मील का पत्थर साबित होगा।





