आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के बढ़ते इस्तेमाल ने टेक इंडस्ट्री में काम करने वाले लोगों के सामने नौकरी और करियर को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कंपनियों में एआई टूल्स के अंधाधुंध इस्तेमाल से कई तरह के काम तेजी से ऑटोमेट हो रहे हैं। ऐसे में जिन लोगों ने कोडिंग सीखने और उसमें माहिर होने में सालों की मेहनत झोंक दी है, वे अब यह सोचने पर मजबूर हैं कि भविष्य में उनकी प्रासंगिकता क्या रह जाएगी।
एआई कई ऐसे जटिल काम मिनटों में कर सकता है, जिनमें इंसानों को हफ़्तों या महीनों का समय लग सकता है। कोड लिखने, उसका विश्लेषण करने और सॉफ्टवेयर आउटपुट तैयार करने जैसे कामों में एआई टूल्स की मदद ली जा रही है। इसकी तेज रफ्तार और सटीकता ने कॉरपोरेट सेक्टर में कार्यरत कर्मचारियों के बीच नौकरी की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है।
15 साल के तजुर्बे के बाद भी AI को लेकर क्यों डरे हैं टेकी?
बेंगलुरु के एक डेवलपर ने रेडिट पर अपनी इसी चिंता और घुटन भरे अनुभव को साझा किया है। करीब 15 साल से टेक इंडस्ट्री में सक्रिय इस डेवलपर ने बताया कि अब उन्हें अपने ज्ञान और तकनीकी स्किल्स पर पहले जैसा भरोसा नहीं रहा। उनके मुताबिक, उन्होंने अपने करियर में 8 अलग-अलग कंपनियों में काम किया और ऑनसाइट भी रहे। लेकिन एआई के इस दौर में उन्होंने अपना खुद का सास (SaaS) स्टार्टअप शुरू करने की कोशिश की, जो असफल रहा और उन्हें दोबारा मजबूरी में नौकरी का रुख करना पड़ा।
रेडिट पोस्ट में डेवलपर ने दर्द बयां करते हुए लिखा कि सालों की कोडिंग और अनुभव के बावजूद अब उनका तजुर्बा उन्हें पुराना और बेकार लगने लगा है। उन्होंने अपने करियर के दौरान 'इम्पोस्टर सिंड्रोम' (खुद की काबिलियत पर शक होना) से जूझने की बात भी कबूली। उन्होंने स्वीकार किया कि वह खुद को दूसरों के सामने काफी काबिल दिखाते रहे हैं, लेकिन अंदर से वह खुद को कई प्रोजेक्ट्स में असफल पाते हैं।
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IT सेक्टर के बाहर कुछ नहीं जानते, परिवार से भी छिपाई बात
इस डेवलपर की परेशानी सिर्फ एआई के तकनीक तक सीमित नहीं है। उन्होंने लिखा कि वह खुद को आईटी सेक्टर के कुएं में फंसा हुआ महसूस करते हैं, क्योंकि टेक्नोलॉजी के अलावा उन्हें किसी अन्य क्षेत्र का व्यावहारिक अनुभव नहीं है। इसके अलावा, उनके पास नया कारोबार शुरू करने के लिए पर्याप्त पूंजी भी नहीं बची है।
Confession of a senior dev with 15yoe by u/myflyskyhigh in IndianWorkplace
उन्होंने यह भी दर्द साझा किया कि उन्होंने अपनी इन गहरी चिंताओं और असफलताओं के बारे में अपने परिवार से कभी खुलकर बात नहीं की, क्योंकि परिवार आज भी उन्हें एक बेहद सफल और सेटल इंसान मानता है। इस पोस्ट पर तमाम रेडिट यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रिया दी। कई लोगों ने माना कि 15 साल का अनुभव रखने के बाद भी वे आज करियर के चौराहे पर खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, जबकि कुछ ने उन्हें एफओएसएस (FOSS) प्रोजेक्ट्स में योगदान देने और वित्तीय प्रबंधन पर ध्यान देने की सलाह दी है।
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