श्रीलंका में अचानक पसरा अंधेरा, ठप हुईं जरूरी सेवाएं
द्वीप देश श्रीलंका एक बार फिर गंभीर बिजली संकट की चपेट में आ गया है। शनिवार को अचानक हुए राष्ट्रव्यापी ब्लैकआउट ने आम जनजीवन को पूरी तरह से पटरी से उतार दिया। दोपहर के वक्त अचानक बिजली गुल हो जाने से पूरे देश में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। शुरुआती कुछ घंटों तक किसी को समझ ही नहीं आया कि आखिर नेशनल ग्रिड को अचानक क्या हुआ है।
बिजली सप्लाई बंद होने का सबसे बुरा असर राजधानी कोलंबो समेत देश के तमाम बड़े शहरों में देखने को मिला। यातायात सिग्नल बंद होने से सड़कों पर लंबा जाम लग गया। लोग अपने दफ्तरों और घरों के भीतर जरूरी कामों के बीच अचानक ठप हुई व्यवस्था से जूझते नजर आए।
पानी की सप्लाई और इंटरनेट सेवाओं पर लगा ब्रेक
बिजली गुल होने की इस बड़ी घटना ने देश के बुनियादी ढांचे की कमजोरियों को एक बार फिर उजागर कर दिया है। बिजली आपूर्ति ठप होते ही जल आपूर्ति प्रणाली तुरंत प्रभावित हुई। कई इलाकों में पानी के पंप बंद हो जाने से लोगों के घरों में पानी की बूंद-बूंद के लाले पड़ गए।
श्रीलंका की जलापूर्ति एजेंसी ने तुरंत आपातकालीन चेतावनी जारी करते हुए नागरिकों से पानी का संयमित उपयोग करने की अपील की। एजेंसी का कहना था कि यदि ग्रिड पूरी तरह बहाल होने में समय लगता है, तो जल संकट और गहरा सकता है। इसके अलावा, मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी भी बुरी तरह बाधित हुई, जिससे संपर्क साधना मुश्किल हो गया।
ऊर्जा मंत्री ने बताई तकनीकी खराबी की वजह
इस बड़े पैमाने पर हुए पावर कट के बाद सरकार हरकत में आई। श्रीलंका के ऊर्जा मंत्री अनुरा करुणातिलका ने मीडिया के सामने आकर इस घटना पर सफाई दी। उन्होंने बताया कि बिजली प्रणाली में अचानक तकनीकी खराबी आने के कारण पूरे द्वीप में एक साथ बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी।
"बिजली प्रणाली में अचानक आई तकनीकी खराबी के कारण पूरे द्वीप में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है। हमारी टीमें तुरंत हरकत में आ गई थीं और चरणबद्ध तरीके से ग्रिड को दोबारा शुरू किया जा रहा है।"— अनुरा करुणातिलका, ऊर्जा मंत्री, श्रीलंका
ऊर्जा मंत्री ने यह भी संकेत दिए कि देश के मध्य पर्वतीय इलाके में स्थित एक प्रमुख जलविद्युत संयंत्र में शुक्रवार को ही कुछ तकनीकी दिक्कतें आई थीं। आशंका जताई जा रही है कि उसी अनसुनी तकनीकी समस्या ने शनिवार को विकराल रूप ले लिया और पूरे देश को अंधेरे में धकेल दिया।
चरणबद्ध तरीके से बिजली बहाली का काम जारी
संकट की गंभीरता को देखते हुए बिजली विभाग के इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीमों ने युद्धस्तर पर काम शुरू किया। सुरक्षा और तकनीकी मानकों को ध्यान में रखते हुए देश के अलग-अलग हिस्सों में चरणबद्ध तरीके से बिजली आपूर्ति को पटरी पर लाया जा रहा है।
अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य अस्पतालों और आपातकालीन सेवाओं को सबसे पहले सुचारू करना था ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर द्वीपीय राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिस पर सरकार को आगे कड़े कदम उठाने की जरूरत है।












