नवरात्रि से पहले सोशल मीडिया पर गरबा पार्टनर का ट्रेंड
देशभर में मां दुर्गा की आराधना के पर्व नवरात्रि का उत्साह तेजी से परवान चढ़ रहा है। खासकर गुजरात में नवरात्रि और गरबा का नाम आते ही लोगों के दिलों में एक अलग ही उमंग दौड़ जाती है। पारंपरिक वेशभूषा, ढोल-ताशों की गूंज और डांडिया की खनक के साथ खेले जाने वाले गरबा का इंतजार हर कोई पूरे साल करता है। लेकिन जैसे-जैसे यह पावन पर्व करीब आ रहा है, वैसे-वैसे सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे ट्रेंड्स और ऑफर्स सामने आने लगे हैं जो लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं। इन दिनों इंटरनेट पर 'रेंट ए गरबा पार्टनर' यानी किराए पर गरबा साथी मुहैया कराने के दावे वाले विज्ञापन जमकर वायरल हो रहे हैं।
इन वायरल पोस्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि अगर किसी के पास गरबा खेलने के लिए पार्टनर नहीं है, तो वह पैसे देकर आसानी से पार्टनर बुक कर सकता है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किए जा रहे इन विज्ञापनों ने युवाओं के बीच एक नई बहस छेड़ दी है। हालांकि, जहां कुछ लोग इसे महज एक मजाक या पब्लिसिटी स्टंट मान रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ साइबर सुरक्षा एजेंसियां इसे लेकर बेहद सतर्क हो गई हैं। पुलिस का मानना है कि यह सीधा-सीधा भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसाकर ठगी करने का एक नया और शातिर तरीका हो सकता है।
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सिल्वर, गोल्ड और प्लेटिनम पैकेज का लालच
वायरल हो रही इन सोशल मीडिया पोस्ट्स में बाकायदा अलग-अलग कैटेगरी के पैकेज और उनकी कीमतें तय की गई हैं। विज्ञापनों को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए इन्हें कॉर्पोरेट ऑफर्स की तरह पेश किया जा रहा है। इनमें मुख्य रूप से तीन तरह के पैकेजों का जिक्र किया गया है। पहले नंबर पर 'सिल्वर पैकेज' है, जिसके लिए 1,000 रुपये शुल्क तय किया गया है और इसके बदले दो घंटे के लिए गरबा पार्टनर देने की बात कही जा रही है। दूसरे नंबर पर 1,500 रुपये का 'गोल्ड पैकेज' है, जिसमें चार घंटे के लिए पार्टनर मिलने का दावा किया गया है।
इन सबसे बढ़कर 'प्लेटिनम पैकेज' सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है। इस पैकेज के लिए 2,000 रुपये मांगे जा रहे हैं और दावा किया जा रहा है कि इसके तहत पूरी रात के लिए गरबा पार्टनर उपलब्ध कराया जाएगा। इतना ही नहीं, ग्राहकों को लुभाने के लिए यह भी लिखा गया है कि इन पैकेजों के साथ-साथ गरबा के बेसिक स्टेप्स सिखाने, मैचिंग कॉस्ट्यूम यानी एक जैसे कपड़े पहनने की सुविधा और साथ में सेल्फी लेने का मौका भी मिलेगा। यही कारण है कि इस तरह के लुभावने विज्ञापनों को देखकर कई लोग असमंजस में पड़ गए हैं कि आखिर इस पर भरोसा किया जाए या नहीं।
साइबर क्राइम सेल की कड़ी चेतावनी
मामले के तूल पकड़ने और सोशल मीडिया पर इन विज्ञापनों के तेजी से फैलने के बाद अहमदाबाद साइबर क्राइम सेल पूरी तरह से एक्टिव हो गई है। पुलिस अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि इस तरह के ऑफर पूरी तरह से फर्जी और लोगों को ठगने का जरिया हो सकते हैं। साइबर क्राइम सेल के एसीपी हार्दिक मांकड़िया ने मीडिया से बातचीत करते हुए इस पूरे मामले पर विस्तार से जानकारी दी और आम जनता को आगाह किया।
अधिकारियों का कहना है कि पिछले पांच से छह दिनों से लगातार इस तरह के अकाउंट्स और पोस्ट्स की भरमार देखने को मिल रही है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई थी कि कुछेक प्रोफाइल्स से महज अपनी सोशल मीडिया रीच बढ़ाने और फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए ऐसी पोस्ट डाली गई थीं। लेकिन देखते ही देखते इन मामलों में एआई (AI) तकनीक का इस्तेमाल करके फर्जी तस्वीरें और पोस्ट धड़ल्ले से शेयर की जाने लगीं, जिससे यह मामला और भी ज्यादा गंभीर हो गया है।
अनजान लोगों को पैसे भेजने से बचें
प्रशासन की तरफ से नागरिकों को बार-बार यह सलाह दी जा रही है कि वे सोशल मीडिया की चकाचौंध और ऐसे लुभावने ऑफर्स के झांसे में बिल्कुल न आएं। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि जिस व्यक्ति को आप व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते, जिससे कभी मिले नहीं हैं, उसकी केवल सोशल मीडिया प्रोफाइल देखकर उस पर आंख मूंदकर भरोसा करना भारी पड़ सकता है। यदि ऐसे लोगों को ऑनलाइन पेमेंट या एडवांस पैसे ट्रांसफर किए जाते हैं, तो पलक झपकते ही बैंक खाता खाली हो सकता है और साइबर ठग आपकी मेहनत की कमाई लेकर फरार हो सकते हैं।
"जो लोग सोशल मीडिया पर अनजान लोगों के साथ इस तरह के ट्रांजैक्शन करते हैं, वे बहुत बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं। यदि आपके साथ इस तरह की कोई भी ऑनलाइन धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।" — हार्दिक मांकड़िया, एसीपी, अहमदाबाद साइबर क्राइम सेल
अगर किसी नागरिक ने दुर्भाग्यवश इस प्रकार की किसी पोस्ट के झांसे में आकर पैसे ट्रांसफर कर भी दिए हैं, तो उन्हें घबराने के बजाय तुरंत साइबर पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए। जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होगी, बैंक खातों को फ्रीज करवाकर पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी ही ज्यादा बढ़ जाती है।
धार्मिक संगठनों ने भी जताई गहरी आपत्ति
इस पूरे मामले पर केवल पुलिस प्रशासन ही नहीं, बल्कि विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने भी अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। बजरंग दल के गुजरात इकाई के क्षेत्रीय सह संयोजक ज्वलित मेहता ने इन वायरल पोस्ट्स को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सवाल उठाया है कि आखिर इस तरह के भ्रामक और अवांछित विज्ञापनों के पीछे किसका हाथ है और इसके क्या इरादे हैं, इसकी उच्च स्तर पर गहन जांच होनी चाहिए।
ज्वलित मेहता ने कहा कि नवरात्रि हमारे देश का एक बेहद पवित्र और सांस्कृतिक पर्व है, जिसे लोग अपने परिवार, दोस्तों, रिश्तेदारों और समाज के तमाम लोगों के साथ मिलकर पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। इस पावन पर्व पर इस तरह से पार्टनर किराए पर देने जैसी भ्रामक और गंदी मानसिकता वाली पोस्ट्स समाज की संस्कृति को ठेस पहुंचाती हैं। इसलिए यह जरूरी है कि ऐसे असामाजिक तत्वों और पेज चलाने वालों की पहचान करके उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की हरकत करने की कोई हिम्मत न कर सके।






