जेएनयू में दिए गए भाषण से फिर गरमाई सियासत
देश के प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय यानी जेएनयू में वामपंथी छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा का एक नया बयान सामने आते ही राष्ट्रीय राजनीति में उबाल आ गया है। हाल ही में उनके बांग्लादेश के जेन-जी आंदोलन वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं। अब उनके एक और नए वीडियो ने इस विवाद को और अधिक हवा दे दी है। इस वीडियो में वह देशद्रोह के मामले में जेल में बंद उमर खालिद का खुलकर समर्थन करती नजर आ रही हैं और उसे अपना वैचारिक गुरु बता रही हैं।
नेहा बोरा का यह नया वीडियो सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। भाजपा का दावा है कि यह वीडियो भी उसी दिन का है जिस दिन उनका बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में आंदोलन चलाने वाला बयान सामने आया था। इस वीडियो क्लिप के सार्वजनिक होने के बाद से राजनीतिक गलियारों में इस बात पर बहस छिड़ गई है कि क्या शिक्षण संस्थानों में इस तरह के बयानों के जरिए वैचारिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उमर खालिद को लेकर नेहा बोरा का विवादित दावा
सामने आए 40 सेकेंड के इस वीडियो में नेहा बोरा जेएनयू परिसर में छात्रों को संबोधित करते हुए दिखाई दे रही हैं। अपने इस संबोधन के दौरान उन्होंने उमर खालिद का विशेष रूप से जिक्र किया और कहा कि उन्हें लंबे समय से जेल में बंद रखा गया है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपनी वैचारिक लड़ाई का दामन नहीं छोड़ा है। छात्र नेता ने छात्रों से मुखातिब होते हुए कहा कि वे इसी संघर्ष से अपने एक्टिविज्म का पाठ सीखती हैं।
उन्होंने अपने भाषण में कहा कि जेएनयू हमेशा से सत्तावादी नीतियों और राजनीतिक हिंसा के खिलाफ खड़ा रहा है। वीडियो में उन्होंने वर्ष 2016 की उन घटनाओं का भी जिक्र किया जब विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा और प्रशासनिक पहरे को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हुआ था। उनका कहना था कि छात्रों की आवाज को दबाने के लिए जितने भी प्रयास किए गए, वे सभी नाकाम साबित हुए हैं क्योंकि यहां का छात्र वर्ग अपनी वैचारिक स्वतंत्रता के लिए हमेशा से बैरिकेड्स खड़े करता आया है।
भारतीय जनता पार्टी का कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा प्रहार
इस पूरे घटनाक्रम पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस और उसके शीर्ष नेतृत्व को आड़े हाथों लिया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि नेहा बोरा को कांग्रेस पार्टी और उसके नेता राहुल गांधी का खुला संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने इसे कांग्रेस के छिपे हुए एजेंडे का हिस्सा करार दिया।
"नेहा बोरा, राहुल गांधी की पोस्टर गर्ल ने जेएनयू में कहा कि वह उमर खालिद से एक्टिविज्म सीखती हैं। उमर खालिद यूएपीए का आरोपी है जिसने देश के खिलाफ तमाम बयान दिए। कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी के नेतृत्व में देश में सत्ता परिवर्तन और अराजकता चाहती है। यह देश के लोकतंत्र के लिए एक बड़ा खतरा है।" — प्रदीप भंडारी, राष्ट्रीय प्रवक्ता, भाजपा
भाजपा नेताओं का साफ तौर पर कहना है कि विपक्षी दल शिक्षण संस्थानों की आड़ में युवाओं को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। पार्टी का यह भी आरोप है कि देश की मुख्यधारा की राजनीति से जुड़े लोग जब ऐसे छात्र नेताओं को मंच देते हैं, तो उनका उद्देश्य केवल राजनीतिक रोटियां सेकना नहीं बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा और संप्रभुता को चुनौती देना होता है।
बांग्लादेश के बाद उमर खालिद का जिक्र, सियासी गलियारों में बहस तेज
बता दें कि इससे पहले नेहा बोरा का एक और बयान काफी सुर्खियों में रहा था जिसमें उन्होंने बांग्लादेश में हुए छात्र आंदोलन की जमकर सराहना की थी। उन्होंने कहा था कि जिस तरह से बांग्लादेश के युवाओं ने सरकार के खिलाफ खड़े होकर बड़ा बदलाव किया, वैसी ही प्रेरणा भारत के युवाओं को भी लेनी चाहिए। इस बयान पर भी राजनीतिक दलों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं और कई छात्र संगठनों ने भी इस प्रकार की बयानोंबाजी से किनारा कर लिया था।
जानकारों का मानना है कि इस तरह के बयानों से देश के विश्वविद्यालयों का शैक्षणिक माहौल खराब हो रहा है। जहां एक ओर वामपंथी और विपक्षी दल इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई करार दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सत्ता पक्ष इसे राष्ट्रविरोधी ताकतों का गठजोड़ बताकर लगातार हमलावर बना हुआ है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी सरगर्मी और अधिक बढ़ने के पूरे आसार हैं।











