नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश भर में मानसून की एंट्री हो चुकी है और इसके साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। पिछले चौबीस घंटों में दक्षिण और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में झमाझम बारिश देखने को मिली है। मौसम विभाग का कहना है कि इस साल मानसून समय से पहले या तय वक्त पर अपनी रफ्तार पकड़ रहा है। खेतों में काम करने वाले किसानों के लिए यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं है। धान और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई के लिए यह सबसे सही समय माना जाता है।
लेकिन इस बारिश ने शहरों की पोल भी खोल दी है। मुंबई, बेंगलुरु और कई अन्य बड़े शहरों में पहली ही बारिश ने सड़कों को तालाब बना दिया है। ट्रैफिक जाम की वजह से लोगों को दफ्तर पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। नगर निगम के दावों की हवा निकल चुकी है और जगह-जगह पानी भरने से आम जनता परेशान है। कई इलाकों में बिजली गुल होने की खबरें भी लगातार सामने आ रही हैं। प्रशासन अब राहत कार्यों में जुटा हुआ है ताकि हालात को जल्द से जल्द काबू में किया जा सके।
मौसम विभाग का नया अलर्ट और अनुमान
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आने वाले अगले तीन से चार दिनों में बारिश का दायरा और अधिक बढ़ने वाला है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों में ठंडी हवाएं चलने लगी हैं और बादल छाए हुए हैं। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस बार मानसून का कुल औसत सामान्य से बेहतर रह सकता है। इससे देश के जल स्रोतों और बांधों में पानी का स्तर सुधरेगा जो गर्मियों में काफी कम हो गया था।
हालांकि, भारी बारिश के चलते कुछ पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा भी पैदा हो गया है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में यात्रा करने वाले पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। पहाड़ी रास्तों पर पत्थरों के गिरने से मार्ग बाधित हो रहे हैं जिन्हें हटाने के लिए जेसीबी मशीनें तैनात की गई हैं। स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अपील कर रहा है कि वे बेवजह खतरनाक रास्तों पर न जाएं।
किसानों के चेहरों पर खुशी और कृषि की स्थिति
हमारे कृषि संवाददाता ने ग्रामीण इलाकों का दौरा करके स्थिति का जायजा लिया है। किसानों का कहना है कि इस बार की बारिश उनकी फसलों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगी। पिछले साल सूखे या कम बारिश से परेशान अन्नदाता इस बार समय पर हो रही बारिश से काफी राहत महसूस कर रहे हैं। बीज और खाद की दुकानें भी अब गुलजार होने लगी हैं क्योंकि किसान बुवाई की तैयारियों में जुट गए हैं। सरकार ने भी किसानों को समय पर अच्छी क्वालिटी के बीज उपलब्ध कराने का दावा किया है।
दूसरी तरफ, इस मौसम में होने वाली बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। अस्पतालों में सर्दी, खांसी, बुखार और पेट से जुड़ी समस्याओं के मरीज तेजी से आ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए और उबला हुआ पानी ही पीना चाहिए। नगर निगमों को मच्छरों के प्रकोप से निपटने के लिए फॉगिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। द फ्रीलान्स की टीम इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए रखेगी और पल-पल की जमीनी अपडेट आप तक पहुंचाती रहेगी।








