'द फ्रीलांस' की विशेष पड़ताल में आज हम बात कर रहे हैं एक ऐसे छोटे से फल की, जो अपने भीतर सेहत का खजाना समेटे हुए है। अंडे के आकार का यह फल बाहर से भूरा और खुरदुरा, लेकिन अंदर से चमकीले हरे रंग और काले बीजों वाला होता है। इसे दुनिया के सबसे पौष्टिक फलों में शुमार किया जाता है। बहुत से लोग इसे न्यूजीलैंड का फल मानते हैं क्योंकि इसका नाम वहां के राष्ट्रीय पक्षी 'कीवी' के नाम पर रखा गया है, लेकिन इसकी असली जन्मभूमि चीन है जहाँ इसे कभी 'चाइनीज गूसबेरी' कहा जाता था। 20वीं सदी की शुरुआत में इसके बीज चीन से न्यूजीलैंड पहुंचे और वैश्विक पहचान मिलने के बाद इसका नाम 'कीवी फ्रूट' कर दिया गया। दिल्ली की सीनियर डाइटीशियन अमृता मिश्रा बताती हैं कि छोटे आकार के बावजूद कीवी को 'सुपरफूड' यूं ही नहीं कहा जाता, क्योंकि इसमें पोषक तत्वों का अपार भंडार है।
कीवी के 12 प्रमुख स्वास्थ्य लाभ और न्यूट्रिशनल वैल्यू
कीवी 'पोषक तत्वों का पावरहाउस' है। इसमें विटामिन-सी, पोटेशियम, फाइबर और कई तरह के एंटीऑक्सिडेंट्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। 100 ग्राम कीवी में शरीर के लिए जरूरी कई माइक्रोन्यूट्रिएंट्स होते हैं। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की 2022 की एक स्टडी के मुताबिक, रोजाना दो कीवी का सेवन करने से कब्ज से पीड़ित लोगों में बॉउल मूवमेंट बेहतर होता है। इसके मुख्य लाभ निम्नलिखित हैं:
- पाचन तंत्र में सुधार: कीवी में मौजूद नेचुरल एंजाइम्स और डाइटरी फाइबर पाचन को मजबूत बनाते हैं और कब्ज से राहत दिलाते हैं।
- ब्लड शुगर कंट्रोल: इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) कम होता है, यानी यह ब्लड शुगर को तेजी से नहीं बढ़ाती। डायबिटीज के मरीज इसे सीमित मात्रा में ले सकते हैं।
- हार्ट हेल्थ और कोलेस्ट्रॉल: इसमें मौजूद पॉलीफेनॉल्स और पोटेशियम ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने और बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं।
- एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण: कैफिक एसिड और क्लोरोजेनिक एसिड जैसे पॉलीफेनॉल्स शरीर की सूजन को कम करते हैं।
- प्रेग्नेंसी में फायदेमंद: इसमें मौजूद फोलेट गर्भ में पल रहे शिशु के विकास और मां की सेहत के लिए बेहद लाभकारी होता है।
- इम्यूनिटी बूस्टर: उच्च मात्रा में विटामिन-सी होने के कारण यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है।
विशेषज्ञों की राय और किन्हें बरतनी चाहिए सावधानी
अमृता मिश्रा के अनुसार, एक स्वस्थ व्यक्ति दिन में आसानी से दो कीवी का सेवन कर सकता है। हालांकि, कुछ लोगों को इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह जरूर लेनी चाहिए। जिन लोगों को लेटेक्स एलर्जी है या जिन्हें फ्रूट एलर्जी की शिकायत रहती है, उन्हें कीवी से परेशानी हो सकती है। इसके अलावा, जो लोग खून पतला करने वाली दवाइयां (Blood Thinners) ले रहे हैं, उन्हें भी विटामिन-K की मौजूदगी के कारण कीवी का सेवन सावधानी से करना चाहिए। प्लेटलेट्स बढ़ाने के संबंध में भले ही इसके सीधे वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हों, लेकिन ओवरऑल रिकवरी और इम्युनिटी में यह फल बेहद मददगार साबित होता है। अपनी डाइट में कीवी को शामिल कर आप कई छोटी-बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से सुरक्षित रह सकते हैं।











