कमोडिटी बाजार में हाहाकार: सोना और चांदी दोनों की कीमतों में रिकॉर्ड गिरावट
घरेलू सर्राफा बाजार से लेकर अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी एक्सचेंजों तक इन दिनों बहुमूल्य धातुओं के खरीदारों के लिए अच्छे दिन चल रहे हैं। पिछले कुछ सत्रों से लगातार जारी उठापटक के बीच सोने और चांदी के भाव में भारी गोता देखने को मिला है। निवेशकों और आम जनता के लिए जो कीमतें कुछ दिन पहले आसमान छू रही थीं, उनमें अब उल्लेखनीय नरमी दर्ज की जा रही है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक संकेतों और बॉन्ड बाजार की गतिविधियों का सीधा असर घरेलू सर्राफा बाजार पर पड़ रहा है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर कारोबार के दौरान इन धातुओं में बिकवाली का दबाव साफ तौर पर हावी रहा। जानकारों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर डॉलर सूचकांक में मजबूती और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के ऊंचे स्तर पर बने रहने के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के दूसरे विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। यही वजह है कि सर्राफा बाजारों में कीमतों पर ऊपरी स्तरों से लगातार दबाव बना हुआ है, जिसका फायदा अब खुदरा ग्राहकों को मिल रहा है।
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दो दिनों में कितनी टूटी कीमतें? जानिए ताजा आंकड़े
नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक, पिछले दो कारोबारी दिनों के भीतर सोने और चांदी की चमक फीकी पड़ी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) की ओर से जारी रेट्स के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना लुढ़ककर 1.48 लाख रुपये के स्तर पर आ गया है। इस दो दिवसीय अवधि में ही सोने की कीमतों में करीब साढ़े चार हजार रुपये की बड़ी गिरावट दर्ज की जा चुकी है।
दूसरी ओर, चांदी के बाजार में तो खरीदारों के लिए और भी बड़ी राहत देखने को मिली है। एक किलोग्राम चांदी के भाव में 11 हजार रुपये तक की भारी कमी आई है, जिससे यह कीमती धातु गिरकर 2.22 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई है। स्थानीय बाजारों और टैक्स के दायरे के हिसाब से देश के अलग-अलग हिस्सों में कीमतों में मामूली अंतर जरूर देखा जा रहा है, लेकिन कुल मिलाकर रुख मंदी की ओर ही बना हुआ है।
सितंबर महीने का पूरा लेखा-जोखा: कितनी सस्ती हुई पीली और सफेद धातु?
यदि पूरे सितंबर महीने के रुझान पर नजर डालें तो यह महीना सर्राफा निवेशकों के लिए काफी उतार-चढ़ाव भरा और गिरावट वाला साबित हुआ है। महीने की शुरुआत यानी 31 अगस्त को जो सोना 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड कर रहा था, वह अब घटकर 1.48 लाख रुपये पर आ चुका है। यानी अकेले सितंबर के 29 दिनों में सोने के भाव में 8,000 रुपये की भारी गिरावट आ चुकी है।
ठीक इसी तरह, चांदी की कीमतों में भी सितंबर के दौरान ऐतिहासिक करेक्शन देखने को मिला है। महीने की शुरुआत में एक किलो चांदी की कीमत 2.37 लाख रुपये थी, जो अब गिरकर 2.22 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है। इस तरह एक महीने के भीतर चांदी के दाम में कुल 15,000 रुपये की बड़ी राहत दर्ज की गई है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े महानगरों में भी इन दरों में आई गिरावट का असर स्थानीय खुदरा मांग पर साफ दिखाई दे रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार और वैश्विक कारणों का असर
घरेलू बाजार में आई इस मंदी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार (Comex) के संकेत मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं। ग्लोबल मार्केट में सोना सात हफ्ते के निचले स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि चांदी की कीमतों में भी चार फीसदी से ज्यादा की कमजोरी आई है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीतियों और ब्याज दरों को लेकर बने रहने वाले असमंजस ने कमोडिटी बाजार की चाल को प्रभावित किया है।
इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक स्तर पर मुद्रास्फीति के आंकड़ों ने भी निवेशकों की रणनीतियों को बदला है। जानकारों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक आंकड़े पूरी तरह स्थिर नहीं होते, तब तक सोने और चांदी के वायदा तथा हाजिर बाजार में इसी तरह का उतार-चढ़ाव देखने को मिलता रहेगा।
खरीदारों के लिए सलाह: क्या निवेश का यह सही समय है?
बाजार के विश्लेषकों का सुझाव है कि जो लोग लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए कीमतों में आई यह गिरावट एक अच्छा अवसर साबित हो सकती है। हालांकि, बाजार की मौजूदा अस्थिरता को देखते हुए किसी भी बड़े निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से राय अवश्य लेनी चाहिए।
"कमोडिटी बाजार में वैश्विक संकेतों के कारण बिकवाली का दबाव बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर घरेलू स्तर पर सोने और चांदी की कीमतों पर दिखाई दे रहा है। हालांकि, त्योहारी सीजन की मांग को देखते हुए घरेलू बाजार में निचले स्तरों पर खरीदारी भी लौट सकती है।" — पिंकी यादव, जिंस विश्लेषक, चॉइस ब्रोकिंग
अंततः, यदि आप आभूषण या निवेश के लिए सोना-चांदी खरीदने का मन बना रहे हैं, तो खरीदारी करते समय हॉलमार्क और शुद्धता के मानकों की जांच जरूर करें तथा स्थानीय सर्राफों के विज्ञापनों और मेकिंग चार्ज की भी तुलना अवश्य कर लें।









