ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा इलाके में पसरा मातम
उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के ग्रेटर नोएडा से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। रबूपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नगला श्री पदम गांव में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और हर कोई स्तब्ध है। मरने वालों में एक दंपति और उनके तीन छोटे बच्चे शामिल हैं, जिनकी उम्र महज 3 से 11 वर्ष के बीच थी। इतनी कम उम्र के बच्चों और उनके माता-पिता की एक साथ हुई मौत ने हर किसी का दिल झकझोर कर रख दिया है।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस के आला अधिकारी, फील्ड यूनिट, फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें फौरन मौके पर पहुंच गईं। पुलिस ने घर के अंदर का जायजा लिया और रसोई से खाने-पीने के कुछ सामान और बर्तन कब्जे में लिए। शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि परिवार की मौत का कारण दूषित खाना या फूड पॉइजनिंग हो सकता है, हालांकि पुलिस हर संभावित एंगल से मामले की गहराई से छानबीन कर रही है।
रात में खाए थे नूडल्स, सुबह नहीं खुला घर का दरवाजा
पुलिस और पड़ोसियों से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह दर्दनाक वाकया शुक्रवार रात का है। परिवार के मुखिया 37 वर्षीय महेश, उनकी 35 वर्षीय पत्नी ललिता और उनके तीन बच्चे- 11 साल का बेटा लड्डू, 7 साल की बेटी मिष्टी और 3 साल का सबसे छोटा बेटा साक्षात ने रात करीब 10 बजे एक साथ नूडल्स खाए थे। इसके बाद पूरा परिवार अपने कमरे में सोने चला गया था। रोज की तरह परिवार के सदस्य सुबह जल्दी उठ जाते थे, लेकिन शनिवार की सुबह काफी देर तक जब इस घर का दरवाजा नहीं खुला और अंदर से कोई सुगबुगाहट नहीं हुई, तो पड़ोसियों को अनहोनी की आशंका हुई।
पड़ोसियों ने जब घर के पास जाकर आवाज लगाई और कोई जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने खिड़की से अंदर झांककर देखा। अंदर का दृश्य देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। परिवार के सभी पांचों सदस्य अपने बिस्तरों पर अचेत अवस्था में पड़े हुए थे। इसके तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को फोन करके पूरी घटना की सूचना दी। पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर जब दरवाजा खोला, तो पाया कि परिवार के सभी सदस्यों की सांसें थम चुकी थीं।
बिस्तर पर एक-दूसरे से लिपटे मिले शव, फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कमरे के भीतर का मंजर बेहद दर्दनाक था। चारपाई और बिस्तरों पर माता-पिता और उनके मासूम बच्चे मृत अवस्था में पड़े मिले। कुछ शवों की स्थिति देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो बच्चे नींद में ही अपने माता-पिता से लिपटे हुए थे। फॉरेंसिक विज्ञान की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर रसोई से नूडल्स बनाने के बर्तन, चाय के बर्तन और अन्य खाद्य पदार्थों के सैंपल सुरक्षित कर लिए हैं। इन नमूनों को फोरेंसिक लैब भेजा जा रहा है ताकि यह वैज्ञानिक रूप से स्पष्ट हो सके कि खाने में कोई जहरीला पदार्थ तो नहीं मिला हुआ था।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पुलिस हर एक पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। इसमें न केवल फूड पॉइजनिंग बल्कि अन्य संभावित कारणों की भी वैज्ञानिक तरीके से पड़ताल की जा रही है। फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इस बात की आधिकारिक पुष्टि हो पाएगी कि इस वीभत्स हादसे की असल वजह क्या थी।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, पुलिस कर रही है हर पहलू पर पड़ताल
इस भयानक हादसे के बाद से मृतकों के रिश्तेदारों और आसपास के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक ही परिवार के पांच लोगों की इस तरह अचानक मौत से पूरा गांव गमगीन है। पुलिस ने सभी पांचों शवों का पंचनामा भरकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक समय और कारणों का खुलासा हो सकेगा।
"परिवार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक यूनिट तत्काल मौके पर पहुंच गई थी। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं और खाद्य पदार्थों के नमूने लैब भेजे जा रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा और उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।" — स्थानीय पुलिस प्रशासन, ग्रेटर नोएडा
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले में पड़ोसियों के बयान दर्ज कर रही है और परिवार के आपसी रिश्तों तथा पारिवारिक पृष्ठभूमि की भी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यह महज एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा था या इसके पीछे कोई अन्य रहस्य छिपा हुआ है।








