हापुड़ में तेजी से पैर पसार रहा स्वाइन फ्लू, स्वास्थ्य विभाग की बढ़ी चिंता
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में खतरनाक स्वाइन फ्लू ने एक बार फिर अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। जिले में लगातार सामने आ रहे नए मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, जिले में स्वाइन फ्लू के कुल मरीजों की संख्या बढ़कर अब 26 पर पहुंच गई है। संक्रमण के इस तेजी से फैलते दायरे ने प्रशासनिक और चिकित्सा महकमे को पूरी तरह से अलर्ट मोड पर ला दिया है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि मौसम में हो रहे लगातार बदलाव और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण इस तरह के वायरल संक्रमण तेजी से सक्रिय हो जाते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, शुरुआती दौर में लोग सामान्य सर्दी-जुकाम और बुखार समझकर इन लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जो बाद में गंभीर रूप ले लेता है। हापुड़ के विभिन्न इलाकों से लगातार स्वाइन फ्लू के नए संदिग्ध मामले सामने आ रहे हैं, जिनकी सैंपलिंग कराकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें उन इलाकों पर विशेष नजर रख रही हैं जहां से संक्रमण के ज्यादा मामले रिपोर्ट किए गए हैं।
अधिकारियों का यह भी मानना है कि यदि समय रहते एहतियात नहीं बरती गई तो यह संक्रमण और अधिक तेजी से फैल सकता है। यही वजह है कि जिला अस्पताल से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक को पूरी तरह से तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक रखने के साथ ही आइसोलेशन वार्डों को भी दुरुस्त किया जा रहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति से आसानी से निपटा जा सके।
संबंधित खबरें
पिता के बाद बेटा भी संक्रमित, एक ही परिवार के दो सदस्यों के चपेट में आने से हड़कंप
इस संक्रमण के प्रसार की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब यह एक ही घर के भीतर भी पैर पसारने लगा है। गढ़ क्षेत्र के एक 42 वर्षीय व्यक्ति के स्वाइन फ्लू की चपेट में आने के कुछ ही दिनों बाद उनके बेटे की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। एक ही परिवार के दो सदस्यों के एक साथ संक्रमित पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग की चिंता और अधिक गहरी हो गई है। डॉक्टरों की टीम ने तुरंत हरकत में आते हुए इस परिवार के अन्य सदस्यों और संपर्क में आए तमाम लोगों की मेडिकल स्क्रीनिंग शुरू कर दी है।
चिकित्सकों का कहना है कि स्वाइन फ्लू एक बेहद संक्रामक बीमारी है जो बहुत तेजी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलती है। जब परिवार का कोई एक सदस्य संक्रमित हो जाता है, तो घर के बाकी लोगों को भी तुरंत सावधानी बरतनी चाहिए। संक्रमित पिता और पुत्र का इलाज फिलहाल डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में उनके घर पर ही होम आइसोलेशन में चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमें नियमित अंतराल पर उनके घर जाकर उनके स्वास्थ्य का फीडबैक ले रही हैं ताकि किसी भी तरह की गिरावट होने पर तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया जा सके।
इस घटनाक्रम के बाद आसपास के पड़ोसियों और स्थानीय लोगों में भी डर का माहौल बन गया है। लोग अब अपने स्वास्थ्य को लेकर काफी सतर्क हो गए हैं और सर्दी-जुकाम होने पर तुरंत मेडिकल स्टोर या झोलाछाप डॉक्टरों के पास जाने की बजाय सीधे योग्य चिकित्सकों की सलाह ले रहे हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने दी जानकारी, अधिकतर मरीज होम आइसोलेशन में
हापुड़ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. किशोर कुमार आहूजा ने मीडिया से बातचीत करते हुए जिले में स्वाइन फ्लू के हालातों पर विस्तार से जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर पूरी तरह से नजर बनाए हुए है और डरने की कोई जरूरत नहीं है, बशर्ते लोग पूरी सावधानी बरतें।
"जिले में स्वाइन फ्लू के कुल मरीजों का आंकड़ा 26 तक पहुंच चुका है। गनीमत यह है कि अधिकांश मरीजों में लक्षण हल्के हैं और उनका इलाज डॉक्टरों की देखरेख में घर पर ही सफलतापर्वक किया जा रहा है। हमारी टीमें हर एक मरीज के संपर्क में हैं और लगातार उनकी सेहत का फीडबैक ले रही हैं। यदि किसी की तबीयत बिगड़ती है तो उसे तुरंत अस्पताल में शिफ्ट करने के पूरे इंतजाम किए गए हैं।" — डॉ. किशोर कुमार आहूजा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, हापुड़
सीएमओ ने यह भी स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में एंटीवायरल दवाएं और जांच किट उपलब्ध कराई गई हैं। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि संक्रमण की चेन को समय रहते तोड़ा जा सके।
मौसम में बदलाव के साथ बढ़ रही बीमारियां, किन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
इन दिनों मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। सुबह और शाम की हल्की ठंड के साथ दिन में धूप निकलने से वायरल संक्रमण के लिए अनुकूल माहौल बन जाता है। इस बदलते मौसम में तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश, बदन दर्द और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं तेजी से पैर पसार रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को इनमें से कोई भी लक्षण लंबे समय तक बना रहता है, तो उसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और उन लोगों को जिन्हें पहले से ही सांस की बीमारी, दमा, डायबिटीज या दिल से जुड़ी कोई समस्या है, उन्हें इस मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। ऐसे लोगों की इम्युनिटी कमजोर होती है, जिससे वे किसी भी संक्रमण की चपेट में बहुत जल्दी आ जाते हैं। थोड़ी सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है, इसलिए किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या महसूस होने पर तुरंत योग्य डॉक्टर से परामर्श करना ही समझदारी है।
स्वास्थ्य विभाग की अपील: संक्रमण से बचने के लिए अपनाएं ये जरूरी सावधानियां
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता के लिए एक एडवाइजरी जारी की है और लोगों से पूरी सतर्कता बरतने की अपील की है। स्वाइन फ्लू एक एयरबोर्न वायरस है, यानी यह संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बात करने के दौरान हवा में छोड़ी गई बूंदों के जरिए दूसरों तक आसानी से पहुंच जाता है।
विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि लोग भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें और यदि जाना पड़े तो मास्क का उपयोग जरूर करें। इसके अलावा हाथों को बार-बार साबुन से धोना या सैनिटाइज़र का इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है। अपने चेहरे, नाक और मुंह को गंदे हाथों से छूने से बचें। यदि परिवार में कोई व्यक्ति संक्रमित हो जाता है, तो उसे हवादार कमरे में अलग रखें और उसके बर्तन व कपड़े पूरी तरह से अलग कर दें। समय पर की गई सावधानी ही इस खतरनाक संक्रमण से बचाव का सबसे बड़ा और पुख्ता उपाय है।





