नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — भारत में मानसून ने समय से पहले दस्तक दे दी है जिससे देश के कई राज्यों में मौसम पूरी तरह बदल गया है। पिछले चौबीस घंटों के दौरान दक्षिण और पूर्वोत्तर के कई इलाकों में झमाझम बारिश दर्ज की गई है। आसमान में घने काले बादल छाए हुए हैं और ठंडी हवाएं चल रही हैं। इस पहली ही बारिश ने चिलचिलाती गर्मी और उमस से आम जनता को बड़ी राहत दी है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून अब तेजी से देश के बाकी हिस्सों की तरफ बढ़ रहा है।
दक्षिण भारत के केरल और कर्नाटक राज्यों में मानसून के बादल पूरी तरह सक्रिय हो चुके हैं। तटीय इलाकों में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण कई जगहों पर पानी भरने की खबरें सामने आ रही हैं। स्थानीय प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। मछुआरों को भी अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है क्योंकि हवा की रफ्तार बहुत तेज है। सुरक्षा के लिहाज से सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं ताकि किसी भी आपदा से तुरंत निपटा जा सके।
फसल और खेती पर मानसून का सीधा असर
किसानों के चेहरों पर इस समय खुशी साफ झलक रही है क्योंकि समय पर हुई बारिश धान और अन्य खरीफ फसलों के लिए वरदान साबित होगी। कृषि जानकारों का मानना है कि यदि इस साल बारिश का वितरण सही रहा तो देश में बंपर पैदावार होगी। खेत तैयार करने का काम अब तेजी से शुरू हो गया है और किसान अपने ट्रैक्टरों के साथ खेतों में उतर चुके हैं। जिन इलाकों में सूखे की आशंका जताई जा रही थी वहां भी अब राहत की उम्मीद बंध गई है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए यह शुरुआती बारिश बहुत ही सकारात्मक संकेत लेकर आई है।
दूसरी तरफ महानगरों में मानसून की पहली ही बारिश ने नगर निगमों की पोल खोलकर रख दी है। मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में जरा सी बारिश के बाद सड़कों पर पानी भर गया है। ट्रैफिक जाम की वजह से दफ्तर जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर जलभराव के कारण गाड़ियां बीच रास्ते में ही बंद हो गई हैं। स्थानीय नागरिक प्रशासन की सुस्ती से नाराज हैं और समय पर नालों की सफाई न होने का आरोप लगा रहे हैं।
बिजली और यातायात सेवाओं पर असर
भारी बारिश और तेज आंधी के कारण कई ग्रामीण और शहरी इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है। बिजली विभाग के कर्मचारी गिरे हुए खंभों को ठीक करने और तार जोड़ने के काम में जुटे हुए हैं। इसके अलावा लंबी दूरी की कई ट्रेनें और विमान सेवाएं भी इस खराब मौसम की वजह से देरी से चल रही हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पटरियों पर पानी भरने से ट्रेनों की रफ्तार धीमी करनी पड़ी है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जरूर जांच लें।
मौसम विभाग ने आने वाले अगले तीन दिनों के लिए देश के कई राज्यों में भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। लोगों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है खासकर कमजोर मकानों और पेड़ों के पास रहने वालों को। आपातकालीन सेवाओं को पूरी तरह मुस्तैद कर दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। द फ्रीलान्स की टीम इस पूरे हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और पल-पल की जानकारी आप तक पहुंचाती रहेगी।
प्रशासन की तैयारियां और सुरक्षा निर्देश
राज्य सरकारों ने भारी बारिश की चेतावनी के बाद आपदा प्रबंधन टीमों को हाई अलर्ट पर रख दिया है। नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि बाढ़ जैसे हालात से समय रहते निपटा जा सके। राहत शिविरों को भी तैयार हालत में रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। स्वास्थ्य विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं कि बारिश के मौसम में फैलने वाली बीमारियों से निपटने के लिए पूरी दवाइयां उपलब्ध रहें।







