संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के पाकिस्तान दौरे के दौरान कूटनीतिक हलकों में उस समय हलचल तेज हो गई, जब उनकी रावलपिंडी स्थित सेना मुख्यालय (जीएचक्यू) में पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर से गुप्त बैठक हुई। इस मुलाकात के दौरान पाकिस्तान की ओर से क्षेत्रीय सुरक्षा, जम्मू-कश्मीर विवाद और भारत द्वारा उठाए गए कड़े कदमों को प्रमुखता से उठाया गया, जो अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उसकी बौखलाहट को साफ जाहिर करता है।
सिंधु जल संधि और कश्मीर राग पर चर्चा
पाकिस्तानी सेना द्वारा जारी आधिकारिक बयानों के अनुसार, इस उच्च स्तरीय बैठक में आपसी हित के मुद्दों के अलावा भारत के साथ चल रहे कूटनीतिक तनाव पर भी बातचीत हुई। पाकिस्तानी नेतृत्व ने विशेष रूप से भारत द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित किए जाने का मुद्दा उठाया। यह कड़ा कदम भारत ने पिछले साल हुए पहलगाम आतंकी हमले के तुरंत बाद उठाया था, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी। हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ आर्थिक और राजनयिक मोर्चे पर जो सख्त रुख अपनाया है, उससे पाकिस्तान गहरे दबाव में है।
भारत का स्पष्ट और अडिग रुख
दूसरी ओर, जम्मू-कश्मीर को लेकर नई दिल्ली का रुख हमेशा से पूरी तरह साफ और स्पष्ट रहा है। भारत का यह मानना है कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख देश के अभिन्न और अटूट हिस्से थे, हैं और हमेशा रहेंगे। भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बार-फार्म में यह स्पष्ट किया है कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते। पाकिस्तान की लाख कोशिशों के बावजूद वैश्विक समुदाय अब आतंकवाद के मुद्दे पर उसकी दोहरी नीति को भली-भांति समझ चुका है।
सम्मान समारोह और कूटनीतिक गतिविधियां
अपने तीन दिवसीय सरकारी दौरे के दौरान एंटोनियो गुटेरेस ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और उप प्रधानमंत्री सह विदेश मंत्री इशाक डार से भी मुलाकात की। राष्ट्रपति जरदारी ने उन्हें वैश्विक शांति और विकास में योगदान के लिए पाकिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'निशान-ए-इम्तियाज' से सम्मानित किया। इसके अलावा, गुटेरेस ने भारत और पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह (UNMOGIP) के कार्यालय का भी दौरा किया, जिस पर कूटनीतिक जानकारों की पैनी नजर बनी हुई है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और आधिकारिक बयोनों के आधार पर तैयार इस रिपोर्ट में कूटनीतिक घटनाक्रमों को रेखांकित किया गया है। 'The Freelance' तथ्यों की निष्पक्ष रिपोर्टिंग के लिए प्रतिबद्ध है। साभार: संबंधित मीडिया रिपोर्ट्स / यूएन अपडेट्स।










