मच्छरों के निशाने पर क्यों होते हैं कुछ खास लोग?
“तुम्हारा खून बहुत मीठा है, इसलिए तुम्हें मच्छर ज्यादा काटते हैं।” यह बात आपने अपने परिवार या दोस्तों से कई बार सुनी होगी। शायद आपने इस बात पर गौर भी किया होगा कि एक ही कमरे में बैठे कई लोगों में से कुछ खास लोग ही हमेशा मच्छरों के मुख्य निशाने पर होते हैं, जबकि बाकी लोग चैन से बैठे रहते हैं। आम बोलचाल में इसे 'मीठा खून' होना कहा जाता है, लेकिन क्या वाकई इसके पीछे कोई वैज्ञानिक आधार है या यह महज एक लोक-भ्रम है?
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह कोई कोरी कल्पना या भ्रम नहीं है, बल्कि पूरी तरह से वैज्ञानिक हकीकत है। कुछ लोग अनजाने में ही मच्छरों को अपनी ओर ज्यादा आकर्षित करते हैं। इसके पीछे कोई जादुई वजह नहीं, बल्कि पूरी तरह से बायोलॉजिकल और केमिकल कारण होते हैं। इंटरनल मेडिसिन के वरिष्ठ विशेषज्ञों का कहना है कि हर इंसान के शरीर की गंध, तापमान और सांस छोड़ने का तरीका अलग होता है, जो मच्छरों के लिए एक बड़े संकेत का काम करता है।'
संबंधित खबरें
बॉडी ओडर और स्किन माइक्रोबायोम का खेल
अमेरिका की प्रतिष्ठित ‘रॉकफेलर यूनिवर्सिटी’ के जर्नल ‘Cell’ में पब्लिश एक चौंकाने वाली स्टडी के मुताबिक, कुछ लोग स्वाभाविक रूप से मच्छरों को ज्यादा आकर्षित करते हैं। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण 'बॉडी ओडर' यानी हमारे शरीर की नेचुरल स्मेल है। हमारी त्वचा पर करोड़ों बैक्टीरिया रहते हैं, जिन्हें स्किन माइक्रोबायोम कहा जाता है। ये बैक्टीरिया जब पसीने और शरीर के अन्य तत्वों के साथ प्रतिक्रिया करते हैं, तो एक खास तरह की गंध पैदा होती है।
नारायणा हॉस्पिटल जयपुर के सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, डॉ. अजय नायर बताते हैं कि हर व्यक्ति का स्किन माइक्रोबायोम अलग होता है। यही कारण है कि कुछ खास तरह की महक मच्छरों को बहुत तेजी से अपनी ओर खींचती है। जिन लोगों की त्वचा से निकलने वाली गंध मच्छरों को भाती है, वे अनजाने में ही उनके पसंदीदा शिकार बन जाते हैं।
सांस से निकलने वाली कार्बन डाइऑक्साइड और तापमान
मच्छर इंसानों का पता लगाने के लिए सबसे पहले हमारी सांस पर निर्भर करते हैं। हम सांस छोड़ते वक्त जो कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) बाहर निकालते हैं, मच्छर उसे बहुत दूर से ही सूंघ लेते हैं। जो लोग गहरी या तेजी से सांस लेते हैं (जैसे भारी कसरत करने वाले लोग या फिर लंबे कद-काठी के वयस्क), वे ज्यादा मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं। इसके जरिए मच्छर आसानी से भाप लेते हैं कि कोई इंसान पास ही मौजूद है।
इसके अलावा, शरीर का तापमान भी एक अहम भूमिका निभाता है। जिन लोगों के शरीर का तापमान स्वाभाविक रूप से थोड़ा ज्यादा होता है या जो लोग शारीरिक श्रम ज्यादा करते हैं, उनके पास मच्छर जल्दी पहुंचते हैं। गर्मी और पसीना मच्छरों को रास्ता दिखाने का काम करते हैं, जिससे वे अंधेरे में भी अपने शिकार को आसानी से ढूंढ लेते हैं.
ब्लड ग्रुप और कपड़ों के रंगों का क्या है कनेक्शन?
क्या हमारे खून के प्रकार से भी मच्छरों का कोई संबंध है? 'अमेरिकन जर्नल ऑफ एंटेमोलॉजी' में पब्लिश एक स्टडी के अनुसार, जब मच्छरों को अलग-अलग ब्लड ग्रुप के सैंपल दिए गए, तो उन्होंने ब्लड ग्रुप 'O' के सैंपल को दूसरों की तुलना में काफी ज्यादा पसंद किया। हालांकि, रिसर्चर्स का यह भी कहना है कि असल जिंदगी में सिर्फ ब्लड ग्रुप ही एकमात्र पैमाना नहीं है, बल्कि इसके साथ शरीर की गंध और पसीना भी मिलकर काम करते हैं।
रंगों की पसंद को लेकर 'नेचर' जर्नल की एक स्टडी कहती है कि मच्छर रंगों से भी आकर्षित होते हैं। गहरे रंग के कपड़े जैसे कि काला, गहरा नीला और लाल रंग ज्यादा गर्मी सोखते हैं। मच्छर इन रंगों को बहुत आसानी से पहचान लेते हैं। इसके विपरीत, सफेद, हल्का हरा, हल्का नीला और बैंगनी जैसे हल्के रंग मच्छरों को कम आकर्षित करते हैं।
शराब, खानपान और मच्छरों से जुड़े बड़े भ्रम
कई लोग यह मानते हैं कि शराब पीने से या कुछ खास चीजें खाने से मच्छर दूर भागते हैं, जबकि वैज्ञानिक तथ्य इसके बिल्कुल विपरीत हैं। शराब पीने के बाद शरीर का तापमान बढ़ जाता है और सांस लेने की प्रक्रिया में भी बदलाव आता है, जिससे मच्छरों के काटने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। वहीं, लहसुन खाने या नींबू-लौंग लगाने से जुड़े नुस्खे सिर्फ आंशिक रूप से कुछ समय के लिए काम कर सकते हैं, लेकिन इनसे पक्के तौर पर बचाव नहीं होता।
“मच्छरों का किसी खास इंसान की तरफ आकर्षित होना पूरी तरह से बायोलॉजिकल फैक्टर्स पर निर्भर करता है। इसमें आपकी त्वचा के बैक्टीरिया, शरीर का तापमान और पसीने की रासायनिक बनावट मुख्य भूमिका निभाती है।”
— डॉ. अजय नायर, सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन
मच्छरों से बचने के लिए क्या करें?
चूंकि मच्छरों के काटने से मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी खतरनाक और जानलेवा बीमारियां फैल सकती हैं, इसलिए इनसे बचाव बेहद जरूरी है। यदि आपको भी मच्छर ज्यादा काटते हैं, तो आपको कुछ जरूरी एहतियात बरतने चाहिए:
- शाम के समय और बाहर निकलते वक्त हमेशा हल्के रंग की फुल बाजू के कपड़े पहनें।
- त्वचा पर सुरक्षित मॉस्किटो रिपेलेंट या ओडोमास का इस्तेमाल करें।
- घर के आसपास पानी बिल्कुल जमा न होने दें, ताकि मच्छरों का लार्वा न पनप सके।
- सोते समय हमेशा मच्छरदानी या अच्छी क्वालिटी के मॉस्किटो वेपर का उपयोग करें।
निष्कर्ष तौर पर, मच्छरों से बचना केवल किस्मत या मीठे खून की बात नहीं है, बल्कि यह आपकी साफ-सफाई और सही सावधानियों पर निर्भर करता है। थोड़ी सी सतर्कता रखकर आप इन खतरनाक कीटों से खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं।







