नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश के करोड़ों अन्नदाताओं के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली यानी 24वीं किस्त को लेकर बड़ा अपडेट सामने आ रहा है। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में यह सवाल लगातार तैर रहा है कि क्या इस बार किसानों के खातों में चार हजार रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे। ग्रामीण इलाकों में इस बात को लेकर काफी असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि किस्त इसी महीने आएगी या फिर इसमें कुछ और समय लग सकता है। द फ्रीलान्स की टीम ने जब इस पूरे मामले की जमीनी स्तर पर पड़ताल की तो कई अहम बातें सामने आईं जो हर किसान के लिए जानना बेहद जरूरी हैं।
सरकारी नियमों के मुताबिक, इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल छह हजार रुपये की आर्थिक मदद तीन बराबर किस्तों में दी जाती है। हर चार महीने पर किसानों के बैंक खाते में दो-दो हजार रुपये सीधे भेजे जाते हैं। अब चूंकि पिछली किस्तों का समय पूरा हो चुका है, इसलिए अगली किस्त के आने का अनुमान लगाया जा रहा है। कई रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि जिन किसानों की पिछली किस्त किन्हीं तकनीकी कारणों से अटक गई थी, उन्हें इस बार दो-दो किस्तों का पैसा यानी कुल चार हजार रुपये एक साथ मिल सकते हैं। हालांकि, सरकार की तरफ से अभी तक चार हजार रुपये मिलने को लेकर कोई आधिकारिक और स्पष्ट घोषणा नहीं की गई है।
ई-केवाईसी और आधार सीडिंग का काम है सबसे जरूरी
अगर आप भी इस योजना का नियमित लाभ ले रहे हैं तो आपके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि बिना कुछ जरूरी काम पूरे किए आपके खाते में पैसे नहीं आएंगे। कृषि मंत्रालय के सख्त दिशा-निर्देशों के अनुसार, हर लाभार्थी किसान के लिए अपनी ई-केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया गया है। जिन किसानों ने अभी तक अपना ई-केवाईसी पूरा नहीं किया है, उनकी किस्त का पैसा बीच में ही रोक दिया जा सकता है। इसके अलावा बैंक खाते का आधार कार्ड से जुड़ा होना और एनपीसीआई मैपिंग का सक्रिय होना भी उतना ही जरूरी है। यदि आपके बैंक खाते में आधार लिंक नहीं है, तो डीबीटी के जरिए आने वाला पैसा रास्ते में ही अटक जाएगा।
गांव-गांव में काम करने वाले सीएससी यानी कॉमन सर्विस सेंटर संचालकों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में किसानों की भीड़ अचानक बढ़ गई है। हर कोई अपने दस्तावेजों की जांच कराने और यह सुनिश्चित करने पहुंच रहा है कि उनका नाम लाभार्थी सूची में सही सलामत है या नहीं। कई किसानों का यह भी शिकायत करना है कि पोर्टल पर उनका स्टेटस पेंडिंग दिखा रहा है, जिससे उनकी चिंताएं और अधिक बढ़ गई हैं। कृषि विभाग के स्थानीय कर्मचारियों का यह सुझाव है कि किसानों को किसी भी अफवाह पर ध्यान देने के बजाय सीधे अपने नजदीकी कृषि कार्यालय या आधिकारिक पोर्टल से ही सही जानकारी जुटानी चाहिए।
घर बैठे ऐसे चेक करें अपना ताजा स्टेटस और लिस्ट में नाम
कृषि विभाग की तरफ से किसानों की सुविधा के लिए पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है ताकि किसी को भी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। अपना स्टेटस देखने के लिए सबसे पहले आपको प्रधानमंत्री किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। वहां होम पेज पर आपको 'फार्मर कॉर्नर' का विकल्प दिखाई देगा, जिसपर क्लिक करके आप अपनी स्थिति जांच सकते हैं। इस सेक्शन में जाकर आप 'बेनिफिशियरी स्टेटस' पर क्लिक करें और अपना आधार नंबर या बैंक खाता संख्या दर्ज करें। ऐसा करने से आपके सामने पूरी जानकारी आ जाएगी कि आपकी किस्त किस स्तर पर रुकी है या पास हो चुकी है।
मैदानी इलाकों के किसानों से बातचीत में यह बात सामने आई कि तकनीकी जानकारी के अभाव में कई बुजुर्ग किसान खुद अपना स्टेटस चेक नहीं कर पाते हैं। ऐसे में वे अपने गांव के पढ़े-लिखे युवाओं या जनसेवा केंद्रों की मदद लेने को मजबूर हैं। सरकार लगातार यह प्रयास कर रही है कि योजना में पूरी पारदर्शिता बरती जाए ताकि केवल असली और हकदार किसानों तक ही सरकारी मदद का पैसा पहुंचे। गलत और फर्जी दस्तावेजों के जरिए लाभ लेने वालों पर शिकंजा कसने के लिए इस बार सत्यापन की प्रक्रिया को और अधिक कड़ा कर दिया गया है।
दिए गए नियमों का पालन न करने पर रद्द हो सकता है पंजीकरण
जांच के दौरान यह भी पता चला है कि जिन लोगों ने गलत तरीके से इस योजना का लाभ उठाया था, सरकार उनसे पैसों की रिकवरी भी कर रही है। आयकरदाता होने के बावजूद जिन लोगों ने योजना का फॉर्म भरा था, उनके नाम अब सूची से लगातार काटे जा रहे हैं। इसके अलावा भूमि का भौतिक सत्यापन न होने की वजह से भी कई किसानों के नाम होल्ड पर रख दिए गए हैं। इसलिए यह सलाह दी जाती है कि कोई भी भ्रम पालने से बेहतर है कि आप अपने सभी दस्तावेज दुरुस्त रखें। द फ्रीलान्स की यह ग्राउंड रिपोर्ट आपको यही सलाह देती है कि किसी भी अनजान लिंक या फर्जी मैसेज पर क्लिक न करें और सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट पर भरोसा रखें।





