गुरुग्राम की पॉश हाउसिंग सोसायटी में हुई खौफनाक वारदात
हरियाणा के साइबर सिटी गुरुग्राम से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे कॉर्पोरेट जगत और स्थानीय इलाकों में सनसनी फैला दी है। सेक्टर-68 स्थित प्रतिष्ठित एम3एम मरीना आवासीय सोसायटी के एक फ्लैट के भीतर से एक युवा टेक दंपति के शव बरामद किए गए हैं। मरने वालों की पहचान 30 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर मोहम्मद असलम और उनकी 28 वर्षीय पत्नी फरहाना के रूप में हुई है। यह घटना तब प्रकाश में आई जब सुबह के वक्त एक ऐसा ईमेल सामने आया जिसने सभी के होश उड़ा दिए। जिस दिन इस खौफनाक वारदात का खुलासा हुआ, उसी दिन मृतका फरहाना का जन्मदिन भी था, जिससे इस मामले की त्रासदी और अधिक गहरी हो जाती है।
पुलिस अधिकारियों और फॉरेंसिक विशेषज्ञों से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह मामला प्रथम दृष्टया मर्डर-सुसाइड यानी हत्या और आत्महत्या का प्रतीत होता है। केरल के मूल निवासी यह उच्च शिक्षित दंपति अपनी पेशेवर जिंदगी में काफी आगे थे, लेकिन उनके निजी जीवन में चल रहे अदृश्य तनाव ने एक दिन ऐसा विकराल रूप ले लिया जिसने दोनों की जिंदगी को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया। स्थानीय पुलिस स्टेशन के अधिकारी इस पूरे प्रकरण की कड़ियां जोड़ने में जुटे हुए हैं और फ्लैट से मिले हर एक साक्ष्य की बारीकी से जांच की जा रही है।
मृत्यु से ठीक पहले कंपनी को भेजा गया था एक रहस्यमयी ईमेल
इस पूरी घटना का सबसे बड़ा सुसाइडल क्लू वह ईमेल है जिसे मृतक मोहम्मद असलम ने अपनी जान देने से कुछ घंटे पहले अपने आधिकारिक नियोक्ता को भेजा था। सुबह करीब सात बजे भेजे गए इस ई-मेल में असलम ने बेहद स्पष्ट शब्दों में लिखा था कि 'हम यह दुनिया छोड़ रहे हैं'। इसके साथ ही उसने अपने पिता और मकान मालिक का मोबाइल नंबर भी उस संदेश में जोड़ा था। ईमेल में कंपनी के अधिकारियों से यह अनुरोध किया गया था कि वे तुरंत इन नंबरों पर संपर्क कर इस अनहोनी की सूचना दें। जब कंपनी के सहयोगियों ने इस संदेश को पढ़ा और सहम उठे, तो उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी सोसायटी के प्रबंधन और मकान मालिक को दी।
जब मकान मालिक और पुलिस टावर संख्या 7 के उस फ्लैट पर पहुंचे, तो वहां का मंजर बेहद भयावह था। फ्लैट का मुख्य दरवाजा खुला हुआ था और भीतर कदम रखते ही फर्श पर फरहाना का शव पड़ा हुआ था जिनके गले पर साफ तौर पर चोट और संघर्ष के निशान देखे जा सकते थे। वहीं दूसरी ओर, मोहम्मद असलम का शव उसी कमरे में फंदे से लटका हुआ पाया गया। मौके की नजाकत को देखते हुए तुरंत स्थानीय पुलिस को बुलाया गया और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने घटनास्थल को अपने कब्जे में ले लिया ताकि किसी भी तरह के अहम सबूत से छेड़छाड़ न हो सके।
फरेंसिक जांच में जुटे सुराग और बरामद दस्तावेज
मामले की गंभीरता को भांपते हुए गुरुग्राम पुलिस की अपराध शाखा और फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री की टीमों ने फ्लैट के चप्पे-चप्पे की छानबीन की। जांच के दौरान पुलिस ने मौके से तीन लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, एक डायरी, कैंची, एक पेन ड्राइव और एक सुसाइड नोट अपने कब्जे में लिया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि मृतका फरहाना के कपड़ों पर हाथ से 'आई लव यू' लिखा हुआ पाया गया, जो इस पूरी घटना को और अधिक अबूझ और भावनात्मक बना देता है। पुलिस इन सभी डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों की तकनीकी जांच करवा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिरी पलों में दोनों के बीच असल में क्या बातचीत हुई थी।
"घटना की सूचना मिलते ही हमारी टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर दोनों शवों को कब्जे में लिया और नागरिक अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। प्रारंभिक जांच और साक्ष्यों के आधार पर यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि पति ने पहले पत्नी की हत्या की और फिर खुद आत्महत्या कर ली। हमने प्रासंगिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।" — स्थानीय पुलिस जांच अधिकारी, गुरुग्राम
बेंगलुरु से गुरुग्राम का सफर और आईटी सेक्टर का भारी तनाव
केरल के रहने वाले मोहम्मद असलम ने अपनी शिक्षा देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से पूरी की थी। वह एनआईटी कालीकट और आईआईएम इंदौर के पूर्व छात्र रह चुके थे, जिससे उनकी बौद्धिक क्षमता और करियर की चमक का अंदाजा लगाया जा सकता है। उनकी पत्नी फरहाना भी एक आईटी फर्म के साथ जुड़ी हुई थीं और वर्क-फ्रॉम-होम के जरिए अपना काम संभाल रही थीं। इस दंपती की शादी वर्ष 2023 में ही हुई थी और वे अपनी नई जिंदगी की शुरुआत करने के मकसद से महज तीन महीने पहले ही बेंगलुरु से गुरुग्राम शिफ्ट हुए थे। किसी को इस बात का अंदेशा नहीं था कि जिस शहर में वे अपने सुनहरे भविष्य के सपने बुनने आए थे, वही शहर उनके लिए अंतिम पड़ाव बन जाएगा।
मृतक के परिजनों और रिश्तेदारों ने पुलिस को दी गई शुरुआती जानकारी में बताया है कि दोनों के बीच किसी भी तरह का कोई बड़ा पारिवारिक या वैवाहिक विवाद नहीं था और दोनों एक-दूसरे से बेहद प्रेम करते थे। हालांकि, यह बात भी सामने आई है कि मोहम्मद असलम पिछले डेढ़ साल से मानसिक अवसाद यानी डिप्रेशन का शिकार थे और उनका इलाज चल रहा था। जानकारों और रिश्तेदारों का यह भी मानना है कि आधुनिक कॉर्पोरेट जगत और विशेषकर आईटी सेक्टर में लगातार बढ़ता हुआ अत्यधिक कार्यभार (वर्क प्रेशर) कई बार युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत भारी पड़ जाता है। फिलहाल पुलिस हर एक एंगल से इस पूरे मामले की गहराई से तहकीकात कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि इस हृदयविदारक कदम के पीछे असली वजह क्या थी।












