प्रशासनिक सेवा को अलविदा कहने के बाद चर्चा में आईं पूर्व अधिकारी
भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी आईएएस की नौकरी छोड़ना किसी भी अधिकारी के लिए एक बड़ा और बेहद महत्वपूर्ण फैसला होता है। उत्तर प्रदेश कैडर की प्रतिभाशाली और अपने अनूठे काम करने के तरीकों के लिए पहचानी जाने वाली पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में बनी हुई हैं। उन्होंने जैसे ही सरकारी सेवा से इस्तीफा देने का कदम उठाया, वैसे ही गलियारों और इंटरनेट पर यह बहस छिड़ गई कि आखिर एक तेज-तर्रार अधिकारी अचानक ऐसा कदम क्यों उठाती है। उनके इस फैसले के बाद से ही उनके चाहने वाले और आम लोग यह जानने के लिए बेताब हैं कि अब वह अपने करियर की नई पारी की शुरुआत किस क्षेत्र से करने जा रही हैं।
दिव्या मित्तल के इस्तीफे को केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया है, जिसके बाद से उनके अगले कदम को लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जाने लगे। कोई उन्हें राजनीति के मैदान में उतरता हुआ देख रहा है, तो कोई यह मान रहा है कि वह किसी बड़े मल्टीनेशनल कॉर्पोरेट सेक्टर या विदेश का रुख कर सकती हैं। इन तमाम चर्चाओं और अटकलों के बीच खुद दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया पर एक ऐसा संदेश साझा किया है, जिसने इस सस्पेंस को और अधिक बढ़ा दिया है। उनकी इस पोस्ट ने लोगों की उत्सुकता को चरम पर पहुंचा दिया है और हर कोई बस उसी खास तारीख का इंतजार कर रहा है जिसका उन्होंने जिक्र किया है।
संबंधित खबरें
सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दिए भविष्य के विकल्पों के संकेत
अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की गई एक संक्षिप्त लेकिन बेहद दिलचस्प पोस्ट में दिव्या मित्तल ने उन सभी संभावनाओं को एक-एक करके सामने रखा है, जिनकी चर्चा इन दिनों उनके नाम के साथ हो रही है। उन्होंने बहुत ही अनूठे अंदाज में उन बातों को लिखा है जो आम तौर पर लोग उनके बारे में सोच रहे हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि लोग तरह-तरह की बातें कर रहे हैं, जैसे कि उनके बच्चे छोटे हैं इसलिए वह घर संभालेंगी, या फिर उन्हें विदेश से कोई अच्छा पैकेज मिल रहा है और वह वापस विदेश लौट जाएंगी। इसके अलावा उन्होंने सिविल सेवा यानी आईएएस की परीक्षा पर लिखी गई अपनी किताब और कोचिंग के विकल्प का भी जिक्र किया है।
सबसे बड़ी चर्चा जो राजनीतिक गलियारों में चल रही है, उसका जिक्र करते हुए उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि ऐसा माना जा रहा है कि उनका राजनीतिक टिकट पक्का हो चुका है और वह सक्रिय राजनीति में कदम रखेंगी। इन तमाम कयासों को हवा देने के साथ ही उन्होंने किसी भी एक बात पर मुहर नहीं लगाई है, बल्कि अपने फैंस और शुभचिंतकों को एक निश्चित समय का इंतजार करने को कहा है। सोशल मीडिया पर उनकी यह पोस्ट बहुत तेजी से वायरल हो गई है और लोग इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। उनके फॉलोअर्स की संख्या भी तीनों प्रमुख प्लेटफॉर्म्स पर काफी अच्छी खासी है, जिससे उनकी हर बात पर लाखों लोगों की नजरें टिकी रहती हैं.
29 सितंबर की सुबह खुलेगा रहस्य, टिकी हैं सबकी निगाहें
अपनी सोशल मीडिया पोस्ट के आखिर में दिव्या मित्तल ने उस समय और तारीख का स्पष्ट रूप से उल्लेख कर दिया है, जिस दिन उनके भविष्य का पर्दाफाश होने वाला है। उन्होंने अपने संदेश में लिखा है कि आगामी 29 सितंबर को सुबह ठीक 8:30 बजे वह खुद यह बताएंगी कि आखिर उनके जीवन का अगला अध्याय क्या होने वाला है। इस घोषणा के बाद से ही उनके समर्थकों और राजनीतिक पंडितों के बीच सरगर्मी काफी बढ़ गई है। हर कोई यह जानने के लिए उत्सुक है कि क्या सचमुच देश की एक बेहतरीन प्रशासनिक अधिकारी अब देश की चुनावी राजनीति में अपनी किस्मत आजमाएंगी या फिर वह शिक्षा और मार्गदर्शन के क्षेत्र से जुड़कर युवाओं का भविष्य संवारेंगी।
जब से उन्होंने यह तारीख साझा की है, तब से सोशल मीडिया पर उनके पुराने फैसलों और उनके प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान किए गए बेहतरीन कामों को भी याद किया जा रहा है। लोगों का मानना है कि दिव्या मित्तल ने अपनी नौकरी के दौरान जिस तरह से अलग-अलग जिलों में अपनी छाप छोड़ी है, उसका फायदा उन्हें भविष्य के किसी भी क्षेत्र में मिल सकता है। चाहे बात मिर्जापुर में जल संरक्षण और पाइप से पानी पहुंचाने की अनूठी पहल की हो या फिर अन्य जिलों में प्रशासनिक कसावट लाने की, उन्होंने हमेशा अपनी कार्यकुशलता से लोगों का दिल जीता है। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि वह अपने जीवन की इस नई शुरुआत का ऐलान किस रूप में करती हैं।
शानदार शैक्षणिक पृष्ठभूमि और 13 साल का प्रशासनिक सफर
दिव्या मित्तल की शैक्षणिक योग्यता और उनका पेशेवर सफर हमेशा से ही युवाओं के लिए प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक आईआईटी दिल्ली से अपनी उच्च शिक्षा पूरी की और उसके बाद आईआईएम बेंगलुरु से प्रबंधन की डिग्री हासिल की। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कुछ समय के लिए लंदन में भी अपनी सेवाएं दीं, लेकिन देश के प्रति अपने लगाव और कुछ अलग करने की चाहत के कारण वह वापस भारत लौट आईं। भारत लौटने के बाद उन्होंने सिविल सेवा की कठिन परीक्षा की तैयारी की और साल 2013 बैच की उत्तर प्रदेश कैडर की आईएएस अधिकारी बनीं।
अपने लगभग 13 साल के लंबे और सफल प्रशासनिक करियर के दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। उन्होंने अपनी सेवा के दौरान कई ऐसे कदम उठाए जिन्हें जनता ने काफी सराहा। प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया था कि यह नौकरी उनके जीवन का केवल एक अध्याय मात्र थी और अब वह जीवन के नए लक्ष्यों की ओर बढ़ना चाहती हैं। उनके इस दृष्टिकोण ने यह साबित कर दिया है कि वह लीक से हटकर कुछ नया करने में विश्वास रखती हैं।
"सिविल सेवा मेरे जीवन का एक शानदार और संतोषजनक अध्याय रहा है, लेकिन अब समय आ गया है कि जीवन के नए और अलग आयामों को तलाशा जाए। मैंने जो भी निर्णय लिया है, वह बहुत सोच-समझकर और पारिवारिक प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर लिया है। आगामी 29 सितंबर को मैं अपने अगले सफर की पूरी रूपरेखा सभी के सामने साझा करूंगी।" — दिव्या मित्तल, पूर्व आईएएस अधिकारी
राजनीतिक गलियारों में अटकलें और भविष्य के समीकरण
दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद से ही राजनीतिक दलों की नजरें भी उनके अगले कदम पर टिकी हुई हैं। उत्तर प्रदेश के कई बड़े राजनीतिक नेताओं ने उनके इस्तीफे के बाद खुलकर बयानबाजी भी की है। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और अन्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की ओर से यह संकेत दिए गए हैं कि यदि वह राजनीति में आना चाहती हैं, तो उनका स्वागत किया जा सकता है। हालांकि, इन राजनीतिक बयानों के बीच दिव्या मित्तल की तरफ से अभी तक किसी भी पार्टी विशेष में शामिल होने या चुनाव लड़ने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भी इस पूरे घटनाक्रम के बीच प्रशासनिक व्यवस्था और अधिकारियों पर कथित दबाव को लेकर अपनी बात रखी थी। हालांकि दिव्या मित्तल ने इन राजनीतिक बयों से दूरी बनाते हुए हमेशा यही कहा है कि उनका प्रशासनिक सेवा से हटना उनका अपना व्यक्तिगत और सोच-समझकर लिया गया फैसला है। अब जब 29 सितंबर की सुबह नजदीक आ रही है, तो यह देखना बेहद रोमांचक होगा कि क्या वह राजनीति के अखाड़े में उतरती हैं या फिर शिक्षा, लेखन और समाज सेवा के जरिए अपनी नई पारी की शुरुआत करती हैं।




