नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — भारत में इस साल मानसून की चाल को लेकर मौसम विभाग ने बड़ा अपडेट दिया है। देश के दक्षिणी राज्यों में प्री-मानसून बारिश शुरू हो गई है जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। पिछले चौबीस घंटों में इंटरनेट पर 'ऋतुपव' और मानसून से जुड़े सर्च अचानक तेजी से बढ़े हैं। हर कोई जानना चाहता है कि इस बार झमाझम बारिश समय पर आएगी या फिर थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा।
मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं। केरल के तट पर मानसून के समय से पहले दस्तक देने की उम्मीद जताई जा रही है। पिछले साल के मुकाबले इस बार बारिश का पैटर्न थोड़ा अलग रहने की संभावना है। कृषि विशेषज्ञ मान रहे हैं कि समय पर बारिश होने से खरीफ की फसलों को बहुत फायदा मिलेगा।
केरल तट पर कब पहुंचेगी पहली बौछार?
केरल और दक्षिण के दूसरे राज्यों में मानसून की पहली बौछार का इंतजार हर साल बेसब्री से किया जाता है। मौसम वैज्ञानिकों की टीम लगातार हवा के दबाव और बादलों की आवाजाही पर नजर बनाए हुए है। हिंद महासागर में बन रहे मौसमी सिस्टम संकेत दे रहे हैं कि मानसून समय पर अपनी यात्रा पूरी कर लेगा। तटीय इलाकों में अभी से ही तेज हवाएं चलने लगी हैं और आसमान में बादलों का डेरा दिखने लगा है।
मछुआरों और तटीय इलाकों के लोगों को पहले ही सतर्क रहने की सलाह दे दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। पिछले कुछ दिनों में तापमान काफी बढ़ गया था जिससे लोगों का हाल बेहाल था। अब ठंडी हवाओं के झोंके और हल्की बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल दिया है।
किसानों के चेहरों पर लौटी उम्मीद की चमक
देशभर के किसान मानसून की चाल पर अपनी नजर गड़ाए बैठे हैं क्योंकि खेती का पूरा गणित बारिश पर टिका होता है। धान, मक्का और सोयाबीन जैसी मुख्य फसलों की बुआई के लिए पानी की बहुत जरूरत होती है। कृषि जानकारों का कहना है कि अगर इस साल सामान्य बारिश होती है तो पैदावार अच्छी होगी। ग्रामीण इलाकों में किसान खेतों की जुताई और खाद-बीज की व्यवस्था करने में जुट गए हैं।
सरकार भी इस बात पर पूरा जोर दे रही है कि किसानों को समय पर खाद और अच्छे बीज मिल जाएं। पिछले साल कुछ राज्यों में सूखे जैसे हालात बन गए थे जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। इस बार मौसम के सकारात्मक रुख को देखकर लग रहा है कि स्थिति बेहतर रहेगी। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि मानसून के आगे बढ़ने की रफ्तार पर अभी भी पैनी नजर रखी जा रही है।
गर्मी से राहत और आगे का मौसम अनुमान
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में चिलचिलाती धूप और लू का प्रकोप अभी भी जारी है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान के लोग मानसून के पहुंचने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत में जून के दूसरे हफ्ते तक मानसून की एंट्री हो सकती है। तब तक लोगों को बीच-बीच में आने वाले आंधी-तूफान और हल्की बारिश से ही संतोष करना होगा।
द फ्रीलान्स की टीम लगातार मौसम विभाग के संपर्क में है और जमीनी हालात का जायजा ले रही है। जैसे ही मानसून केरल तट को पार करेगा, हमारी टीम आपको सबसे पहले सटीक अपडेट देगी। तब तक जरूरी है कि आप पानी की बचत करें और भीषण गर्मी से अपना बचाव रखें। मानसून से जुड़ी हर छोटी-बड़ी खबर के लिए हमारे साथ बने रहें।







