देश में अपराध के तरीके लगातार बदलते जा रहे हैं, जहां अब अपराधियों ने अपहरण जैसी वारदातों में डिजिटल भुगतान माध्यमों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां अपराधियों ने बंधक बनाए गए प्रोफेसर के मोबाइल और UPI को रकम ऐंठने का जरिया बना लिया। इवनिंग वॉक पर निकले डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर को अगवा कर उनकी आंखों पर पट्टी बांधी गई और चाकू की नोक पर उनके खाते से करीब एक लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए।
इवनिंग वॉक के दौरान बनाया गया निशाना, आंखों पर बांधी पट्टी
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर कपुरचंद गुप्ता शाम के वक्त अपनी रोज की तरह इवनिंग वॉक पर निकले थे। रास्ते में थकान महसूस होने पर वे सड़क किनारे एक माइलस्टोन पर बैठकर आराम करने लगे। इसी दौरान दो युवक वहां पहुंचे और उन्हें जबरन पकड़कर पास ही डबरी की ओर ले गए। आरोपियों ने उनकी आंखों पर पट्टी बांध दी और चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उन्हें मोटरसाइकिल पर बैठाकर एक सुनसान जगह पर ले जाया गया और एक कमरे में बंधक बनाकर रखा गया।
अपराधियों ने इस दौरान प्रोफेसर के साथ मारपीट भी की और उनके मोबाइल फोन का पासवर्ड हासिल कर लिया। इसके बाद Google Pay और UPI से जुड़ी तमाम जानकारियां निकाली गईं। आरोपियों ने शातिर तरीके से एक महिला से मोबाइल पर संपर्क किया और उसका QR कोड मंगवाया। प्रोफेसर के बैंक खाते की निर्धारित सीमा (करीब एक लाख रुपये) खत्म होने तक सारा पैसा उस QR कोड के जरिए ट्रांसफर करा लिया गया।
परिजनों की सूझबूझ से बची जान, 24 घंटे में पुलिस ने दबोचा आरोपी
आरोपियों ने परिजनों को गुमराह करने के लिए प्रोफेसर से ही फोन करवाकर उनके सुरक्षित होने का नाटक कराया था। हालांकि, परिजनों को इस पूरे घटनाक्रम पर संदेह हो गया और उन्होंने अपनी सूझबूझ से लोकेशन का पता लगाना शुरू कर दिया। परिजन जब बताए गए ठिकाने के करीब पहुंचे, तो बदमाश घबराकर वहां से फरार हो गए। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
इवनिंग वॉक पर निकले प्रोफेसर का अपहरण, UPI के जरिए ट्रांसफर कराए 1 लाख रुपये। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार। #CrimeNews #Updation
— The Freelance (@TheFreelanceIN) October 6, 2024
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और प्रोफेसर को सकुशल मुक्त कराया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी सुनील सारथी को हिरासत میں ले लिया। आरोपी ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि जिस महिला के खाते में पैसे ट्रांसफर हुए थे, उसका इस गिरोह से क्या संबंध है और इस डिजिटल ठगी के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।
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